नई दिल्ली. दिल्ली समेत देश के किसी भी हिस्से में शुक्रवार को इस्लाम के मुकद्दस महीने रमजान का चांद नज़र नहीं आया है और पहला रोज़ा दो मार्च (रविवार) को होगा. चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए हुए थे, जिस वजह से यहां तो चांद नजर नहीं आया. उन्होंने कहा कि गुजरात, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व हरियाणा समेत कई स्थानों पर संपर्क साधा गया, लेकिन चांद दिखने की कहीं से भी पुष्टि नहीं हुई
अहमद ने कहा कि आम तौर पर गुजरात के कच्छ के इलाके में चांद नजर आ जाता है, लेकिन वहां से भी रमज़ान का चांद दिखने की कोई खबर नहीं है. उन्होंने कहा कि लिहाज़ा यह तय किया गया है कि पहला रोज़ा दो मार्च यानी रविवार को होगा. इस्लाम में एक महीना 29 या 30 दिन का होता है. महीने के दिनों की संख्या चांद दिखने पर निर्भर करती है. अहमद ने कहा कि शनिवार को इस्लामी कलेंडर के आठवें महीने ‘शाबान’ की 30 तारीख है.
रमजान 2025 पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, “… आज 28 फरवरी को लखनऊ या देश में कहीं भी चांद नहीं दिखा. पहला ‘रोजा’ 2 मार्च 2025 को मनाया जाएगा…” जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने कहा, “आज रमज़ान-उल-मुबारक का चांद नज़र नहीं आया है. लिहाज़ा ऐलान किया जाता है कि दो मार्च 2025 को पहला रोज़ा होगा.”
मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया हिंद ने एक बयान में बताया कि दिल्ली के आसमान में बादल छाए रहने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी में चांद नहीं दिखा जिसके बाद देश के विभिन्न स्थानों से भी संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी चांद दिखने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई
