दिल्ली के चुनावी नतीजे आए 48 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं. और इन 48 घंटों में केजरीवाल की हार और BJP की जीत की तमाम वजहों पर खूब चर्चा आपने सुनी होगी. उधर, बीजेपी नेताओं के तेवर सख्त हैं. वे संकेत दे रहे हैं कि कि केजरीवाल के लिए चुनौतियां बाकी हैं. पीएम मोदी कह चुके हैं कि सीएजी की रिपोर्ट पहली ही विधानसभा में पेश की जाएगी. इससे पता चलेगा कि केजरीवाल सरकार ने कितना भ्रष्टाचार किया है. ये चिंता तो थी ही, अब पंजाब को लेकर नई टेंशन खड़ी हो गई है. पंजाब बीजेपी और कांग्रेस के नेता दावा कर रहे हैं कि आम आदमी पार्टी टूटने जा रही है. मिड टर्म चुनाव हो सकते हैं. कुछ नेता तो वहां महाराष्ट में जिस तरह शिवसेना टूटी, उसी तरह आप के टूटने का दावा कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी पर नई आफत की आहट देखकर केजरीवाल सतर्क हो गए हैं. उन्होंने पंजाब के सभी सीनियर लीडर्स की बड़ी बैठक बुला ली है. तो क्या सच में केजरीवाल कोई बड़ा फैसला लेने वाले हैं?
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल मंगलवार को दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के मंत्रियों और विधायकों से मिलने वाले हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने दावा किया कि भगवंत मान की सरकार का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली में हैं और कपूरथला हाउस में में ठहरे हुए हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या केजरीवाल सच में पंजाब के मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर सकते हैं?
बीजेपी का हमला
BJP कह रही है कि पंजाब में फेल सरकार का ठीकरा केजरीवाल भगवंत मान पर फोड़ना चाहते हैं. BJP के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा कह रहे हैं कि केजरीवाल अपने भरोसे के विधायकों से अपना नाम आगे करवाना चाह रहे हैं ताकि भगवंत मान पर दवाब बढ़े. इसकी वजह है कि बीते चार महीने से पंजाब में कैबिनेट की एक भी बैठक ही नहीं हुई है. उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल अगले कुछ दिनों में पंजाब जाएंगे, ताकि अपने मंसूबे पूरे कर सकें
