सर्द रात और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी किसानों का प्रदर्शन नहीं रूक रहा है! आज आंदोलन का 22 वा दिन है , इसके बावजूद भी किसानों के हौसले चट्टान की तरह मजबूत है, जो अपनी मांगों को लेकर सिंधु टिकरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं ! चाहे ठंड हो बरसात हो अपनी मांगों को पूरा करने की जिद ने किसानों को वहां पत्थर बना कर खड़ा कर रखा है ! वही कल किसानों के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने जिस प्रकार खुदकुशी की इसके बाद तो किसानों ने अपना मत साफ किया , और कहा कि अब तो हम बिना अपनी मांगों को पूरा कराऐ यहां से नहीं जाएंगे , लेकिन इसी बीच आज जब दिल्ली विधानसभा में एक दिवसीय सत्र का आयोजन किया गया! वहीं कृषि बिल पर चर्चा करते करते आप विधायकों ने इस बिल का विरोध किया और चर्चा में जमकर हंगामा हुआ सदन में दोनों ही पक्षों के बीच नए कृषि बिल पर बहस हुई जहां सदन में आप विधायक महेंद्र गोयल ने कृषि कानूनों की प्रतियां सदन में ही फाड़ दी
और कहा कि मैं इन काले कानून को नहीं मानता क्योंकि यह अन्नदाता ओं के खिलाफ है! किसानों के खिलाफ है और हम उनकी उपजाई अन्न की रोटी खाते हैं ,कैसे भूल सकते हैं कि वह इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी आज अपनी मांगों को लेकर के सड़कों पर खुले आसमान के नीचे सोए हुए हैं !
इसके बाद तो सदन में जय जवान जय किसान के नारे लगने शुरू हो गए तमाम विधायकों के समर्थन में आज दिल्ली विधानसभा की कार्रवाई में अपनी उपस्थिति किसानों के साथ दिखाएं!
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