News Times 7
बड़ी-खबर ब्रे़किंग न्यूज़ राजनीति

भाजपा के खिलाफ- निषाद पार्टी के बगावती तेवर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा से हाथ मिलाने वाली निषाद पार्टी ने बगावती तेवर अपना लिए हैं। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निषाद आरक्षण व मछुआ समाज की राजनीतिक भागीदारी का वादा न पूरा करने का आरोप लगाया है। साथ ही तीन दिवसीय आंदोलन का एलान भी किया है।प्रतीकात्मक तस्वीर।

निषाद पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को पादरी बाजार स्थित कार्यालय में हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद की मौजूदगी में कहा गया कि निषाद आरक्षण की आग फिर सुलगेगी। इस मामले में पार्टी आरपार की लड़ाई छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया था। अब इस नारे को पूरा करने का वक्त आ गया है। हमेशा से धोखा खाया समाज जाग गया है। अब जो धोखा देने का प्रयास करेगा, वह खुद पछताएगा। आरक्षण हमारा अधिकार है। भाजपा को आरक्षण दिलाने का काम करना चाहिए।
डॉ. संजय निषाद ने एलान किया कि 11 सितंबर को भाजपा सांसदों के घर पर प्रदर्शन किया जाएगा। 15 सितंबर को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजना है। देशभर के कार्यकर्ता 25 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। भाजपा नेताओं को याद दिलाएंगे कि मछुआ समाज के सहयोग से ही केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल कुमार निषाद, रघुराई निषाद, रविंद्र निषाद, सरवन निषाद, वीरेंद्र निषाद, राम अवतार साहनी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
खटपट की वजह जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट
निषाद पार्टी के बगावती तेवर को वजह जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस सीट से सपा विधायक का निधन हो चुका है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद चाहते हैं कि इस सीट से पार्टी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। वह जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। इसी सिलसिले में भाजपा नेतृत्व से मिले भी थे, लेकिन बात नहीं बनी। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मल्हनी सीट से निषाद पार्टी के प्रत्याशी को दूसरा स्थान मिला था, इसलिए पार्टी उपचुनाव में सीट पर दावेदारी ठोंक रही है।

निषाद वोटरों में अच्छी पकड़
गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र में ही करीब तीन लाख निषाद मतदाता हैं। बांसगांव, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर में भी निषाद वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, बलिया में भी निषाद मतदाताओं की संख्या अच्छी है। इन मतदाताओं में निषाद पार्टी की अच्छी पकड़ है। 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। उन्हें 33 हजार से ज्यादा वोट मिले थे।  2019 के लोकसभा चुनाव में निषाद पार्टी से गठबंधन का भाजपा को बड़ा फायदा मिला था।

Advertisement
डॉ. संजय निषाद के बड़े बेटे प्रवीण भाजपा से सांसद
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बड़े बेटे प्रवीण निषाद संतकबीरनगर से भाजपा सांसद हैं। भाजपा व निषाद पार्टी के बीच गठबंधन हुआ तो प्रवीण ने भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ा था। जीतकर संसद भी पहुंचे थे। इससे पहले प्रवीण निषाद ने 2017 का गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव जीता था। तब प्रवीण निषाद सपा में थे।

पहले से तैयार है भाजपा, जयप्रकाश को राज्यसभा भेजना रणनीति का हिस्सा
निषाद पार्टी से समझौते के बाद भी भाजपा बेहद सतर्क है। भाजपा नेताओं को पता है कि डॉ संजय निषाद अलग-अलग राजनीतिक दलों से गठबंधन कर चुके हैं। इसी रणनीति के तहत ही जयप्रकाश निषाद को राज्यसभा उपचुनाव में टिकट दिया गया। वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। जय प्रकाश निषाद को भी निषाद समाज का बड़ा नेता माना जाता है। वह चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी थे। बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि 2022 के चुनाव से पहले डॉ. संजय निषाद दूसरी पार्टी के पास जाते हैं तो जयप्रकाश निषाद के रूप में भाजपा के पास बड़ा चेहरा होगा।

Download Amar Ujala App for Breaking News in Hindi & Live Updates. https://www.amarujala.com/channels/downloads?tm_source=text_share

Download Amar Ujala App for Breaking News in Hindi & Live Updates. https://www.amarujala.com/channels/downloads?tm_source=text_share

Advertisement
Advertisement

Related posts

आज रहे सतर्क क्योकिं अगले 4 घंटे में हो सकती भारी बारिस और वज्रपात

News Times 7

भारतीय डाक विभाग में निकली बंपर भर्तियां 2582 रिक्तियो के लिए मांगे गए आवेदन

News Times 7

28 सितंबर को कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं कन्हैया और जिग्नेश मेवानी, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

News Times 7

Leave a Comment

टॉप न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़