बिहार मे लाकडाउन का असर दिखना शुरू हो गया है दिन प्रतिदिन नए संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आने लगी है या यू कहे की बिहार में लॉकडाउन काम कर गया जिस प्रकार पाबंदी लगाकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में कोरोना पर काबु पाए जाने के बात की जा रही थी वो काम कर गई है,
बिहार में कोरोना के नए मरीज मिलने से लेकर रिकवरी रेट तक पर लॉकडाउन का असर साफ तौर से देखने को मिल रहा है. लगातार पांचवें दिन बिहार में संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में कमी देखी गई तो वहीं मरीजों का रिकवरी रेट भी ऊपर उठा है. पिछले 24 घन्टे में बिहार में 11 हजार 259 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है, लेकिन राज्य में एक्टिव केसेज में गिरावट आई है.
बिहार में एक्टिव केस घटकर अब 110804 तक पहुंच गया है. सबसे अच्छी बात है कि 13364 लोग 24 घन्टे में स्वस्थ हुए और कोरोना को मात दिए हैं, वहीं रिकवरी रेट में भी काफी उछाल आया है. बिहार में कोरोना का रिकवरी रेट बढ़कर 80.71 प्रतिशत पहुंच गया है. बिहार आईएमए के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ अजय कुमार भी मानते हैं कि महामारी जिस तरह से विकराल रूप ले चुका था समय पर सरकार ने आईएमए की पहल पर लॉकडाउन लगाया जिसका असर अब आंकड़ों पर पड़ रहा है और संक्रमण का चेन ब्रेक तेजी से हो रहा है.
इन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 15 दिन लोग और धैर्य रखकर रहें और सावधानी पूरी तरह बरतें तो बिहार की हालत सामान्य हो सकती है. 24 घन्टे में राज्य में 10190 सैम्पल्स की जांच हुई है . बिहार की राजधानी पटना में एक्टिव केस की संख्या की बात करें तो एक्टिव केस 22589 हैं. पटना में लगातार 2000 से ज्यादा मरीज मिल रहे थे लेकिन रविवार को पटना में भी महज 1646 मरीज में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई.
बिहार में कोरोना के नए मरीज मिलने से लेकर रिकवरी रेट तक पर लॉकडाउन का असर साफ तौर से देखने को मिल रहा है. लगातार पांचवें दिन बिहार में संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में कमी देखी गई तो वहीं मरीजों का रिकवरी रेट भी ऊपर उठा है. पिछले 24 घन्टे में बिहार में 11 हजार 259 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है, लेकिन राज्य में एक्टिव केसेज में गिरावट आई है.
बिहार में एक्टिव केस घटकर अब 110804 तक पहुंच गया है. सबसे अच्छी बात है कि 13364 लोग 24 घन्टे में स्वस्थ हुए और कोरोना को मात दिए हैं, वहीं रिकवरी रेट में भी काफी उछाल आया है. बिहार में कोरोना का रिकवरी रेट बढ़कर 80.71 प्रतिशत पहुंच गया है. बिहार आईएमए के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ अजय कुमार भी मानते हैं कि महामारी जिस तरह से विकराल रूप ले चुका था समय पर सरकार ने आईएमए की पहल पर लॉकडाउन लगाया जिसका असर अब आंकड़ों पर पड़ रहा है और संक्रमण का चेन ब्रेक तेजी से हो रहा है.

इन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 15 दिन लोग और धैर्य रखकर रहें और सावधानी पूरी तरह बरतें तो बिहार की हालत सामान्य हो सकती है. 24 घन्टे में राज्य में 10190 सैम्पल्स की जांच हुई है . बिहार की राजधानी पटना में एक्टिव केस की संख्या की बात करें तो एक्टिव केस 22589 हैं. पटना में लगातार 2000 से ज्यादा मरीज मिल रहे थे लेकिन रविवार को पटना में भी महज 1646 मरीज में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई.
बिहार के अन्य जिलों की बात करें तो औरंगाबाद में 592, बेगूसराय में 565, पूर्वी चंपारण में 451, गया 403, मुजफ्फरपुर में 348, समस्तीपुर में 574, सारण 368, वैशाली 323, सुपौल 318, वेस्ट चम्पारण में 303, भागलपुर में 372, गोपालगंज 365, पूर्णिया में 372, सीवान में 319 मरीज मिले हैं, वहीं राज्य में मौत के आंकड़ों में भी कमी आई. राज्य में 24 घन्टे में कोरोना में 67 मरीजों की मौत हुई है.
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