नई दिल्ली. भारत में जल्द स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसमें Apple iPhones और MacBooks भी शामिल हैं. ऐसा अमेरिकी सरकार के रेसीप्रोकल टैरिफ के 2 अप्रैल से लागू होने वाले टैरिफ की वजह से होगा. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में ही ऐसे देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो अमेरिकी प्रोडक्ट पर टैरिफ लगाते हैं. ट्रंप का यह टैरिफ 2 अप्रैल से लागू हो जाएगा
ट्रंप ने विशेष रूप से अमेरिका से आयातित ऑटोमोटिव पर भारत के 100 फीसदी से अधिक शुल्क लगाने की बात को खासतौर से उजागर किया है. उन्होंने कहा कि जो हम पर टैक्स लगाते हैं, हम भी उन पर वही टैक्स लगाएंगे. पारस्परिक शुल्क सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिका आयात पर वही कर लगाए जो अन्य देश अमेरिकी वस्तुओं पर लगाते हैं. वैसे तो ट्रंप ने अपने संबोधन में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए शुल्कों का प्रभाव उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई उत्पादों पर पड़ सकता है
भारत ऐपल जैसे ब्रांडों के लिए एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र बन गया है, जिसने हाल के वर्षों में आईफोन और अन्य उपकरणों का स्थानीय उत्पादन लगातार बढ़ाया है. ऐपल साल 2017 से भारत में आईफोन बना रहा है, लेकिन सीमित मॉडल और आमतौर पर केवल बेस वेरिएंट ही भारत में बनाए जाते थे. पिछले कुछ वर्षों में, ऐपल ने यहां बनाए जाने वाले मॉडलों की रेंज का विस्तार किया है. नवीनतम आईफोन 16 सीरीज के साथ, ऐपल पहली बार 16प्रो और 16प्रो मैक्स मॉडल भी भारत में बना रहा है. वास्तव में, आईफोन 16e के लिए, ऐपल ने कहा कि वह इस डिवाइस को केवल स्थानीय बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि निर्यात के लिए भी भारत में असेंबल करेगा.
फिर ऐपल पर शुल्क क्यों
नए अमेरिकी शुल्कों के कारण भारत से आयातित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर टैक्स देनदारी बढ़ सकती है, जिससे उन कंपनियों के लिए कुल लागत बढ़ सकती है जो देश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर हैं. इसका मतलब है कि अगर भारी टैक्स लगाए जाते हैं, तो ब्रांडों को अपने लाभ मार्जिन को बनाए रखने के लिए कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इससे उनके उत्पादों की कीमतें न केवल भारत में बल्कि विदेशों के बाजारों में भी बढ़ सकती हैं.
चीन से आया मोबाइल भी होगा महंगा
पारस्परिक शुल्क की घोषणा एक अन्य रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया है कि ऐपल को चीन से अमेरिका में आयातित उत्पादों पर 10 फीसदी के नए शुल्क का सामना करना पड़ रहा है. इससे अमेरिका में आईफोन, आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका मतलब है कि ऐपल के प्रोडक्ट का उत्पादन करने वाले भारत और चीन दोनों ही देशों में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.!
