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बिहार में सृजन घोटाले के 3 साल न कोई राशि वसूली न मुख्य आरोपी पकड़े गए

बिहार में सृजन घोटाले के 3 साल  न कोई राशि वसूली न मुख्य आरोपी पकड़े गए

 

भागलपुर। 21 सौ करोड़ के सृजन घोटाले के तीन वर्ष पूरे हो गए है। सात अगस्त को सृजन घोटाला तब उजागर हुआ था, जब एक सरकारी चेक बाउंस हो गया था। सृजन घोटाले की सूत्रधार मनोरमा देवी की मौत हो चुकी है। सीबीआइ ने मुख्य आरोपी मनोरमा देवी के बेटे अमित कुमार व बहू रजनी प्रिया को फरार घोषित कर दिया है।

अगस्त 2017 के पहले सप्ताह तत्कालीन डीएम आदेश तितरमारे का साइन किया हुआ चेक बैंक से वापस आ गया था। बैंक ने खाते में पर्याप्त रकम नहीं रहने की बात कही थी। इसके बाद डीएम ने मामले की जांच के लिए कमेटी बैठा दी थी। है। इस बात पर जिलाधिकारी हैरान रह गए थे और मामले की तह तक जाने के लिए इसपर एक जाच कमेटी बैठा दी थी। जांच के दौरान पता चला कि इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित सरकारी खातों में पैसे नहीं हैं। इसके बाद सृजन घोटाले की सच्चाई सामने आने लगी। नौ अगस्त को इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी

सृजन के खाते में ट्रांसफर होती थी राशि

सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय खातों में न जाकर सृजन महिला विकास सहयोग समिति नाम के एनजीओ के छह खातों में ट्रासफर कर दी जाती थी। इसके बाद एनजीओ, जिला प्रशासन और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी पैसे को इधर-उधर किए जाते थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जानकारी होने के बाद आíथक अपराध इकाई को घोटाले के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई थी। आइजी जेएस गंगवार के नेतृत्व में जाच टीम पे भागलपुर आकर जांच की थी और घोटाले का पर्दाफाश किया था।

 

2008 से 2014 तक का है घोटाला
जब घोटाला पर से पर्दा हटा तो पता चला कि घोटाला 2017 का नहीं बल्कि 2008 से 2014 तक का है। इसमें सरकारी खजाने से अरबों रुपये की निकासी गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसकी सीबीआइ जाच की सिफारिश

घोटाले में आए कई बड़े नाम सामने

सृजन घोटाले में पूर्व जिलाधिकारी के पी रमैया, वीरेंद्र प्रसाद यादव, समेत कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं। रमैया के साथ घोटाले में तत्कालीन उप समाहर्ता विजय कुमार, नाजिर अमरेंद्र यादव के अलावा सृजन की पूर्व सचिव स्वर्गीय मनोरमा देवी के नाम भी शामिल हैं। सीबीआइ की चार्जशीट में सृजन संस्था की प्रबंधक सरिता झा, अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी प्रसाद, इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुरजीत राहा, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक आनंद चंद्र गदाई, इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक देव शकर मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक शकर प्रसाद दास, सृजन की सचिव सरिता झा और रजनी प्रिया तथा अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी देवी तक के नाम शामिल हैं।

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