पटना. एम्स में हुए सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने मंगलवार को एम्स पहुंचकर दो लोगों से पूछताछ की. दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय से आई दो सदस्यीय टीम ने एम्स प्रशासन के उपनिदेशक के कार्यालय में तैनात आशीष कुमार (स्टेनो) और हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर प्रभात कुमार से सवाल पूछे गए.सूत्रों के अनुसार, मेडिकल उपकरणों और अन्य सामान की खरीद में अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के तहत सीबीआई टीम पहुंची थी.बता दें कि केंद्र सरकार की निर्धारित खरीद नियमों का पालन नहीं करने और बिना टेंडर के सामान के निबटारे जैसे मामलों पर सवाल उठाए गए. खासकर स्क्रैप सामान के बिना टेंडर निबटारे को लेकर जांच एजेंसी ने कड़ी पूछताछ कीसीबीआई की टीम ने पहले आशीष कुमार से लंबी पूछताछ की, जो एम्स के उपनिदेशक (डीडीए) प्रशासन नीलोत्पल बल के कार्यालय में स्टेनो के रूप में कार्यरत हैं. इसके बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार से सवाल किए गए. पूछताछ का सिलसिला देर रात तक जारी रहा और रात 10:30 बजे दोनों को जाने दिया गया.
इस मामले में एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, सीबीआई की टीम ने किस सिलसिले में पूछताछ की, इसकी जानकारी मुझे नहीं दी गई. टीम एम्स में आएं है यह मुझे जानकारी है.
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई मेडिकल उपकरणों की खरीद में गड़बड़ी और अनुचित तरीके से अनुबंध देने के आरोपों की जांच कर रही है. इसमें सरकारी नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है.बताया जा रहा है कि सीबीआई जल्द ही अन्य संबंधित अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं से पूछताछ कर सकती है. मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।
यदि भ्रष्टाचार साबित हुआ, तो कानूनी कार्रवाई के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज किया जा सकता है
