भाजपा का अगला चीफ कब मिलेगा, कौन होगा, कहां से होगा? ये सवाल सियासी फिजाओं में तैर रहे हैं. भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी को होली (14 मार्च) के बाद और 21 मार्च से पहले किसी भी समय अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है. माना जा रहा है कि बीजेपी को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक से पहले मिल जाएगा. यह बैठक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में होनी है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी पार्टी के संविधान के अनुसार 50 प्रतिशत राज्यों में संगठन चुनाव को लेकर सक्रिय हो गई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए यह जरूरी है. चुने गए राज्यों को 14 मार्च तक संगठन चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं.
भाजपा का अगला चीफ कब मिलेगा, कौन होगा, कहां से होगा? ये सवाल सियासी फिजाओं में तैर रहे हैं. भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी को होली (14 मार्च) के बाद और 21 मार्च से पहले किसी भी समय अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है. माना जा रहा है कि बीजेपी को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक से पहले मिल जाएगा. यह बैठक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में होनी है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी पार्टी के संविधान के अनुसार 50 प्रतिशत राज्यों में संगठन चुनाव को लेकर सक्रिय हो गई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए यह जरूरी है. चुने गए राज्यों को 14 मार्च तक संगठन चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं.
12 राज्यों में चुनाव हो गए
अब तक, भाजपा 50 प्रतिशत मानदंड को पूरा करने के लिए आवश्यक 18 में से केवल 12 राज्यों में ही संगठनात्मक चुनाव करा पाई है. भाजपा के एक सूत्र की मानें तो, अगले कुछ दिनों में पार्टी बाकी बचे छह राज्यों में अपने संगठनात्मक चुनाव पूरे कराने के लिए समय से पहले ही काम पूरा कर लेगी. भाजपा के एक टॉप सूत्र ने News18 को बताया कि उन्हें विश्वास है कि पूरी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए युद्ध स्तर पर काम जारी
अब तक, भाजपा 50 प्रतिशत मानदंड को पूरा करने के लिए आवश्यक 18 में से केवल 12 राज्यों में ही संगठनात्मक चुनाव करा पाई है. भाजपा के एक सूत्र की मानें तो, अगले कुछ दिनों में पार्टी बाकी बचे छह राज्यों में अपने संगठनात्मक चुनाव पूरे कराने के लिए समय से पहले ही काम पूरा कर लेगी. भाजपा के एक टॉप सूत्र ने News18 को बताया कि उन्हें विश्वास है कि पूरी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है
अब तक अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, सिक्किम, नागालैंड, राजस्थान, असम, चंडीगढ़, गोवा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मेघालय और लक्षद्वीप में बीजेपी का संगठनात्मक बदलाव हो चुका है. पश्चिम बंगाल जैसे राज्य, जहां आरजी कर प्रदर्शन के कारण देरी हुई, में अभी तक अगले अध्यक्ष पर सहमति नहीं बन पाई है. क्योंकि मौजूदा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है.
क्यों हो रही देरी
दिल्ली चुनाव की वजह से भी काफी देरी हुई. इसके लिए पिछले साल दिसंबर में ही प्रचार शुरू हो गया था और जनवरी में चरम पर था. इसके अलावा, प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ शुरू हुआ और 26 फरवरी तक चला. बीजेपी नेतृत्व या तो कुंभ के दौरे में व्यस्त था या फिर कुंभ को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही बातों का जवाब देने में लगा था. इसकी वजह से संगठन के चुनाव पर ध्यान देने के लिए बहुत कम समय मिल पाया
