क्रिकेटर से नेता बने कीर्ति आजाद ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस की रैली में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. बर्दवान से सांसद आजाद ने कहा, बीजेपी को मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता. मैं तीन बार बीजेपी सांसद और एक बार विधायक रहा हूं. उनकी रग-रग से वाकिफ हूं. लेकिन इसी बीच कीर्ति आजाद ने एक ऐसा बयान दे डाला, जिस पर विवाद हो सकता है. कीर्ति आजाद ने कहा, 1993 में जब मैं बीजेपी में शामिल हुआ तो मेरे पिता ने कहा कि ‘Get out. उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया. कहा- ये लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे. तुम इनके दल में शामिल हुए हो. इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता
कीर्ति आजाद ने कहा, मैं 1999 से पहले से ही ममता बनर्जी के संपर्क में था, जब वह खेल मंत्री हुआ करती थीं. मैं डर के कारण पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल नहीं हो सका. 1999 में जब दीदी रेल मंत्री बनीं तो उन्होंने मुझे पार्टी में शामिल होने के लिए कहा. आज दीदी ने मेरा सम्मान किया है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनकी पत्नी का निधन पिछले साल 2 सितंबर को हो गया और उनका अंतिम संस्कार दुर्गापुर के दामोदर घाट पर किया गया था. तब उन्होंने कहा कि उनका अंतिम संस्कार भी वहीं होगा.
आपने बहुत दिनों से डांटा नहीं
अंत में उन्होंने ममता बनर्जी से कहा, दीदी, आपने मुझे बहुत दिनों से डांटा नहीं है. अगर आपको किसी हिंदी भाषी स्थान पर जाना हो तो आपके भाई धृष्टद्युम्न हमेशा तैयार है. इससे पहले बंगाली में अपनी बात शुरू करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा, “मां काली की जय हो, श्री गणेश को प्रणाम. उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को चलाने के लिए कार्यकर्ता बहुत जरूरी होते हैं.
कीर्ति आजाद ने कहा, मुझे जमीनी स्तर पर सम्मान मिला है और जरूरत पड़ी तो मैं अपना सिर भी काटकर दीदी को दे दूंगा. मैं अपनी प्यारी बहन ममता बनर्जी के लिए आप सबके सामने आया हूं. मैंने यहीं जीने और यहीं मरने का फैसला किया है. आखिरी सांस तक ममता बनर्जी के साथ रहूंगा. इस मौके पर मुर्शिदाबाद के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने कहा, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे संभालने के लिए तैयार हूं
