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बैठ जाइए, प्रेम से बोलिए…वाह मोदी जी वाह’, ‘जुमलाजीवी’ जैसे असंसदीय शब्द पर राजनीति शुरू,महुआ और प्रियंका का तंज

असंसदीय शब्दों में कुछ नए शब्द शामिल किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने करारा तंज किया है। मोइत्रा और चतुर्वेदी ने आज ट्वीट कर इस सूची को लेकर केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।

New Unparliamentary Words TMC MP Mahua Moitra And Shiv Sena Priyanka  Chaturvedi Took Jibe On Modi Government | Unparliamentary Words: संसद में  नहीं बोल सकेंगे जुमलाजीवी, भ्रष्ट और जयचंद जैसे शब्द -

मोइत्रा ने ट्वीट में यह लिखा
मोइत्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘बैठ जाएं। बैठ जाइये।  प्रेम से बोलें। लोकसभा और राज्यसभा की नई असंसदीय शब्दों की सूची में संघी शब्द शामिल नहीं है। मूल रूप से सरकार ने विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी शब्दों के इस्तेमाल को रोकने के लिए यह काम किया है। कैसे भाजपा भारत को नष्ट कर रही है और उन पर प्रतिबंध लगा रही है।’

प्रियंका चतुर्वेदी ने पुराने मीम से साधा निशाना
उधर, शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने पुराने मीम का जिक्र कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया ‘यह पुराना मीम याद आ गया। अगर करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या? सिर्फ वाह मोदी जी वाह! यह मीम अब हकीकत सा लगता है!’

नई सूची में प्रतिबंधित किए गए जुमलाजीवी, जयचंद, भ्रष्ट, जैसे शब्द 
दरअसल, संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्दों को लेकर नई बुकलेट जारी की है। इसमें जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, कोविड स्प्रेडर और स्नूपगेट, यहां तक आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले शर्म, दुर्व्यवहार, विश्वासघात, भ्रष्ट, ड्रामा, पाखंड और अक्षम जैसे शब्द अब लोकसभा और राज्यसभा में असंसदीय माने जाएंगे। इनके शब्दों के अलावा शकुनि, जयचंद, लॉलीपॉप, चांडाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिट्ठू जैसे आदि शब्दों का भी दोनों सदनों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

New Unparliamentary Words: Mahua Moitra And Priyanka Chaturvedi Took  Jibe,baith Jaiye, Baith Jaiye, Prem Se Boliye, Sirf Wah Modi Ji Wah! - New  Unparliamentary Words: महुआ मोइत्रा और प्रियंका चतुर्वेदी ने किए

 

ये शब्द कहे तो मानेंगे अमर्यादित आचरण

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी नई बुकलेट के अनुसार, ऐसे शब्दों के प्रयोग को अमर्यादित आचरण माना जाएगा और ये सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे। लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्द, 2021 शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों एवं वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है, जिन्हें असंसदीय अभिव्यक्ति की श्रेणी में रखा गया है। 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले सदस्यों के इस्तेमाल के लिए जारी किए गए इस संकलन में ऐसे शब्दों या वाक्यों को शामिल किया गया है, जिन्हें लोकसभा, राज्यसभा और राज्यों के विधानमंडलों में वर्ष 2021 में असंसदीय घोषित किया गया था। इसके अनुसार, असंसदीय शब्द, वाक्य या अमर्यादित अभिव्यक्ति की श्रेणी में रखे गए शब्दों में कमीना, काला सत्र, दलाल, खून की खेती, दोहरा चरित्र, निकम्मा, नौटंकी, ढिंढोरा पीटना, बहरी सरकार, चिलम लेना, छोकरा, कोयला चोर, गोरू चोर, चरस पीते हैं, सांड, खालिस्तानी, विनाश पुरुष, तानाशाही, तानाशाह, अराजकतावादी, गद्दार, अपमान, गिरगिट, गूंस, घड़ियाली आंसू, असत्य, अहंकार, काला दिन, काला बाजारी, खरीद फरोख्त, दंगा, दलाल, दादागीरी, बेचारा, संवेदनहीन, सेक्सुअल हेरासमेंट जैसे शब्द भी शामिल किए गए हैं।

असंसदीय बातों को रिकॉर्ड में नहीं रखा जाएगा
अध्यक्ष व सभापति पीठ पर आरोप को लेकर भी कई वाक्यों को असंसदीय श्रेणी में रखा गया है। इसमें आप मेरा समय खराब कर रहे हैं, आप हम लोगों का गला घोंट दीजिए, चेयर को कमजोर कर दिया है और यह चेयर अपने सदस्यों का संरक्षण नहीं कर पा रही है, आदि शामिल हैं। अगर कोई सदस्य पीठ पर आक्षेप करते हुए यह कहता है कि जब आप इस तरह से चिल्ला कर वेल में जाते थे, उस वक्त को याद करूं या आज जब आप इस आसन पर बैठें हैं तो इस वक्त को याद करूं… तब ऐसी बातों को असंसदीय मानते हुए इन्हें रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं माना जाएगा।मां काली पर सांसद महुआ मोइत्रा के बयान से TMC ने किया किनारा, बीजेपी ने  शिकायत की | TMC sidelined MP Mahua Moitra's statement on Maa Kali, BJP  complained | मां काली

इन राज्यों में भी हटे असंसदीय शब्द

असंसदीय अभिव्यक्ति के संकलन में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कार्यवाही से हटाए गए कुछ शब्द या वाक्यों को भी रखा गया है जिनमें बॉब कट हेयर, गरियाना, अंट-शंट, उच्चके, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे आदि शामिल हैं। इसमें राजस्थान विधानसभा में असंसदीय घोषित कुछ शब्दों को भी रखा गया है जिसमें कांव-कांव करना, तलवे चाटना, तड़ीपार, तुर्रम खां तथा झारखंड विधानसभा में अससंदीय घोषित कई घाट का पानी पीना, ठेंगा दिखाना आदि शामिल है।

अध्यक्ष या सभापति के आदेश से बाहर किए जाते हैं ऐसे शब्द
इस संकलन में अंग्रेजी के कुछ शब्दों एवं वाक्यों को भी शामिल किया गया है जिनमें आई विल कर्स यू, बिटेन विद शू , बिट्रेड, ब्लडशेड, चिटेड, शेडिंग क्रोकोडाइल टियर्स, डंकी, गून्स, माफिया, रबिश, स्नेक चार्मर, टाउट, ट्रेटर, विच डाक्टर, डिसग्रेस, ड्रामा, आईवॉश, मिसलीड, लाई और अनट्रू आदि शमिल हैं। संसद के सदस्य कई बार सदन में ऐसे शब्दों, वाक्यों या अभिव्यक्ति का इस्तेमाल कर जाते हैं जिन्हें बाद में सभापति या अध्यक्ष के आदेश से रिकॉर्ड या कार्यवाही से बाहर निकाल दिया जाता है।महुआ और प्रियंका का तंज: 'बैठ जाइए, प्रेम से बोलिए...वाह मोदी जी वाह',  'जुमलाजीवी' जैसे असंसदीय शब्द पर राजनीति शुरू - New On News

नियम 381 के मुताबिक हटाया जाता है असंसदीय या अभद्र या असंवेदनशील शब्दों को
लोकसभा में कामकाज की प्रक्रिया एवं आचार के नियम 380 के मुताबिक, अगर अध्यक्ष को लगता है कि चर्चा के दौरान अपमानजनक या असंसदीय या अभद्र या असंवेदनशील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, तो वे सदन की कार्यवाही से उन्हें हटाने का आदेश दे सकते हैं। वहीं, नियम 381 के अनुसार, सदन की कार्यवाही का जो हिस्सा हटाना होता है, उसे चिन्हित करने के बाद कार्यवाही में एक नोट इस तरह से डाला जाता है कि अध्यक्ष के आदेश के मुताबिक इसे हटाया गया।

 

 

 

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