बोधगया(गया)। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) सोमवार को एक पखवारे से धरना पर बैठे विस्थापित दुकानदारों से मिलने बोधगया पहुंचे। धरना स्थल से उन्होंने मोबाइल पर प्रमंडलीय आयुक्त मयंक बड़बड़े से बात की और कहा कि रोजगार छिन जाने से फुटपाथी दुकानदार या तो भीख मांगेंगे या फिर नक्सली बन जाएगें। इसलिए इनके विरुद्ध की गई कार्रवाई अनुचित है। फुटपाथी दुकानदारों से कोई अवरोध नहीं होता है। मांझी ने एक बार फिर से अपनी ही सरकार पर हमला किया है उन्होंने कहा है कि अगर सरकार किसी को रोजगार नहीं दे सकती है तो रोजगार छिनने का भी अधिकार नहीं है।
फुटपाथी दुकानदार करते हैं सैलानियों की सुरक्षा
विदेशियों की सुरक्षा भी यही फुटपाथी दुकानदार करते हैं। क्योंकि एम्बेसी होटल के बैरियर से महाबोधि मंदिर की दूरी लगभग आधा किमी की दूरी है। ऐसे में किसी प्रकार की अनहोनी की संभावना बनी रहती है। लेकिन यहीं दुकानदार उनकी सुरक्षा करते हैं। पूर्व सीएम ने आयुक्त से कहा कि स्वयं या किसी अधिकारी से स्थल का निरीक्षण कर इन्हें जय प्रकाश उद्यान से सटे जगह का आवंटन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन द्वारा फुटपाथी दुकानदारों को हटाया जाता है। जबकि बौद्ध मोनास्ट्री द्वारा सरकारी भूखंड का अतिक्रमण कर बैरिकेडिंग की जा रही है। इसलिए तत्कालीन नगर पंचायत द्वारा इन लोगों के साथ किए गए एग्रीमेंट को बरकरार रखा जाए। यह अंतरराष्ट्रीय स्थल है, इन सबों की दुकान रहते किसी को कोई परेशानी नहीं होगी
मांझी ने यह भी कहा कि फुटपाथी दुकान की वजह से सुरक्षा व्यवस्था में कोई व्यवधान नहीं आएगा। यहां पर पर्याप्त जगह है। मांझी ने कहा एक तरफ बेरोजगारी की समस्या चरम सीमा पर है और यहां फुटपाथी दुकानदारों को हटा कर इनके को घर उजाड़ने का काम प्रशासन द्वारा किया गया है। इस दौरान जद यू नेता मेघझर सिंह, नेशनल हाकर फेडरेशन के मो. नौशाद अख्तर, लाल बाबू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
