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सीएम नीतीश के मंत्री प्रमोद कुमार बोले – बिहार में मठ और मंदिरों की जमीन खरीदने वालों की खैर नहीं, छिन जाएगा मालिकाना हक

भागलपुर : मठ-मंदिर की जमीन खरीदने वालों से अब जमीन का मालिकाना हक छिन जाएगा। जमीन बेचने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जमीन की जमाबंदी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित अधिकारियों को जमीन का लीज रद करने की कार्रवाई

प्रारंभ करना होगा। उक्त बातें विधि सह गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार ने सोमवार को परिसदन में संवाददाताओं से बात करते हुए कही। मंत्री ने कहा कि मंगलवार को प्रमंडलीय सभागार में भागलपुर और बांका जिला के धार्मिक न्यास की परिसंपत्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

भागलपुर में 296 और बांका में 22 धार्मिक न्यास से संबंद्ध स्थल हैं। जिनके पास 675 एकड़ जमीन है। मुंगेर प्रमंडल में निबंधित और गैर निबंधित छह सौ मठ-मंदिर हैं। जिनके पास कुल 3374 एकड़ जमीन है। अभी भूमि सर्वे का काम चल रहा है। अगर ऐसी परिस्थिति में अभी मठ-मंदिर की जमीन का पता नहीं लगाया जाएगा, तो भूमाफिया मंदिर की जमीन का सर्वे अपने नाम से करा लेंगे। मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि सेवादार कभी हकदार नहीं होंगे। ऐसे में पुजारी या सेवादार जमीन की बिक्री नहीं कर सकते हैं। मंदिर-मठ के पुजारी या सेवादार का नाम भूमि सर्वेक्षण के दौरान कालम 12 में दर्ज होंगे। पूर्व में जिन्होंने मठ-मंदिर की जमीन खरीदी है, वे वापस लौटा दें। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जिन्होंने उन्हें जमीन बेची, उन्हें जमीन बेचने का कोई हक ही नहीं था

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गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार गन्ना आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। 90 प्रतिशत गन्ना उत्पादक किसानों को भुगतान कर दिया गया है। राज्य में गन्ना से एथनाल का उत्पादन बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 22623.15 किलो लीटर एथनाल का उत्पादन हुआ, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में बढ़ कर 29170.27 किलो लीटर हो गया है। गन्ना से इस वर्ष 130912.02 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन हुआ। सरकार गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ट्रेङ्क्षनग और गन्ना पर अधारित उद्योग लगाने पर अनुदान दिया जा रहा है। गन्ना उत्पादन की ट्रेनिंग लेने वाले किसानों को सौ रुपये यात्रा भत्ता दिया जा रहा है।

गन्ना से गुड़ उत्पादन का यूनिट लगाने वालों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 45 हजार रुपये अनुदान दिए जाएंगे। वहीं, गन्ना उत्पादक किसानों को खेत से मिल तक उत्पाद पहुंचाने में लगने वाले यात्रा व्यय का भुगतान भी राज्य सरकार कर रही है। इसके लिए किसानों को 45 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराये का भुगतान किया जा रहा है। इसमें 50 प्रतिशत राशि मिल और 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खर्च करेगी। इस वर्ष बाढ़ और जल जमाव के कारण गन्ना फसल को काफी नुकसान हुआ। किसानों के बीच 76 करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान किया गया है।

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