कोरोना की स्थितियाँ अब देश के हालात को ख़राब करना शुरू कर चुकी है महाराष्ट्र और केरल के हालत सबसे ख़राब है ,केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Mohfw) के अनुसार देश में बीते 24 घंटे में 47,092 नए मामले पाए तो वहीं 509 की मौत हो गई. इसी समयावधि में 35,181लोग डिस्चार्ज किए गए. मंत्रालय के अनुसार देश में फिलहाल 3,89,583 एक्टिव केस, 3,20,28,825 लोग डिस्चार्ज और 4,39,529 की मौत हो गई है.
मंत्रालय ने बताया कि देश में फिलहाल कोरोना के 3,28,57,937 कुल पुष्ट मामले हैं. इसमें से 1.15% एक्टिव, 97.51% डिस्चार्ज और 1.34% की मौत हो चुकी है. टीकाकरण के मोर्चे पर बात करें तो मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 66 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है.

बुधवार को कोविड-19 रोधी टीके की 81,09,244 खुराकें दी गईं. जिसके बाद अब तक 66,30,37,3 लोगों का टीकाकरण हो चुका है. मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 18-44 साल के उम्रवर्ग में कुल 25,89,65,198 लोगों को पहली खुराक लगी है जबकि 2,97,99,597 लोगों को दोनों खुराक दे दी गई है.
केरल में बढ़ते मामलों के बीच मंडाविया ने कर्नाटक, तमिलनाडु में की समीक्षा
केरल में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कहा कि संक्रमण के अंतर-राज्यीय प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाये जाने चाहिए. उन्होंने कर्नाटक और तमिलनाडु से सीमावर्ती जिलों में टीकाकरण की गति बढ़ाने का आग्रह किया. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि बुधवार को कर्नाटक और तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत में, मंडाविया ने इन राज्यों में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की.
केरल में बढ़ते मामलों के कारण, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कर्नाटक और तमिलनाडु के उन क्षेत्रों में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित मामलों पर चर्चा की, जो केरल की सीमा से लगे हैं. बयान में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के अंतर-राज्यीय प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मंडाविया ने कर्नाटक और तमिलनाडु के संबंधित स्वास्थ्य मंत्रियों से केरल की सीमा से लगे जिलों में टीकाकरण की गति बढ़ाने का अनुरोध किया.

इसमें कहा गया है कि भारत सरकार कोरोना वायरस महामारी से निपटने में सबसे आगे रही है. बयान में कहा गया है कि टीकाकरण महामारी से लड़ने के लिए पांच सूत्री (जांच, पता लगाना, उपचार और कोविड उपयुक्त व्यवहार सहित)रणनीति का एक महत्वपूर्ण घटक है. इस बीच मंडाविया ने देश में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक दवाओं की आपूर्ति और उपलब्धता की समीक्षा की.
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. इन दवाओं के लिए कच्चा माल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. बयान में कहा गया है कि आठ दवाओं के लिए रणनीतिक बफर स्टॉक बनाया गया है और ये सभी देश में उपलब्ध हैं. ये दवाएं टोसीलिजुमैब , मिथाइल प्रेडनिसोलोन, एनाक्सोपिरिन, डेक्सामेथासोन, रेमडेसिविर, एम्फोटेरिसिन बी डीओक्सीकोलेट, पॉसकोनाजोल और इंट्रावेनस इम्युनोग्लोबिलिन (आईवीआईजी) हैं.![]()
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केरल में कोविड-19 के 32,803 नए मामले सामने आए, 173 मौतें
केरल में कोविड-19 संक्रमण के बुधवार को 32,803 नए मामले सामने आए जबकि संक्रमण से 173 और लोगों की मौत हुई. नए मामलों के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 40,90,036 हो गई जबकि मृतकों की संख्या 20,961 पर पहुंच गई. राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,74,854 नमूनों के परीक्षण के बाद परीक्षण सकारात्मकता दर (टीपीआर) 18.76 प्रतिशत पाई गई. इसके साथ ही अब तक 3,17,27,535 नमूनों की जांच की जा चुकी है.

इसमें बताया गया कि मंगलवार से अब तक 21,610 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं और कुल स्वस्थ होने वालों की संख्या 38,38,614 हो गई है जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,29,912 हो गई है. राज्य के 14 जिलों में, त्रिशूर में सबसे अधिक 4,425 मामले सामने आए, इसके बाद एर्नाकुलम (4,324), कोझीकोड (3,251), मलप्पुरम (3,099), कोल्लम (2,663), तिरुवनंतपुरम (2,579), पलक्कड़ (2,309), कोट्टायम (2,263), अलाप्पुझा (1,975), कन्नूर (1,657), पठानमथिट्टा (1,363), वायनाड (1,151) और इडुक्की (1,130) हैं
