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काशी मे बदला गंगा के पानी का रंग, बना चिंता का सबब

लाकडाउन के बीच अचानक वाराणसी मे गंगा के पानी के रंग बदलने से सबकी चिंता बढ गयी है अचानक बदले रंगा से सब हैरान है  पिछले कुछ दिनों से भारी मात्रा में शैवाल आने से गंगा का पानी (Ganges Water) पूरी तरह हरा हो गया है, इसे लेकर लोगों में तरह-तरह की आशंकाए बनी हुई हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार शैवाल के जमा होने से गंगा के प्रवाह में कमी आई है और पानी का रंग बदल गया है. यह गंगा में रहने वाले जीवों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.Lockdown Changed Varanasi Environment - विश्व पर्यावरण दिवसः लॉकडाउन में  काशी में कम हुआ प्रदूषण, 50 सालों में गंगा का जल हुआ सबसे शुद्ध, हवा और पानी  का मिजाज ... गंगा में शैवाल (Algae) की बड़ी मात्रा को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी जांच में जुट गए हैं ,गंगा किनारे आने वाले श्रद्धालुओं की मानें तो गंगा नदी में गंदी काई देखने को मिल रही है. ऐसा आम पोखरों और तालाबों में देखने को मिलता है लेकिन गंगा के पानी में ऐसा शैवाल दिखना बेहद चिंताजनक है. वहीं, नमामि गंगे के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा का पानी हरा होने के पीछे गंगा में प्रभाव कम होना हो सकता है. World Earth Day 2020 Lockdown In India Positive Effects On Environment And  Ganga River - Earth Day 2020: लाॅक डाउन में निखर रही है गंगा - Amar Ujala  Hindi News Liveउन्होंने गंगा मंत्रालय से गुहार लगाते हुए कहा कि गंगा के प्रवाह को निरंतर बनाया जाए ताकि जो गंगा का पानी गर्मी के मौसम में घाटों को छोड़ने लगती है और इसकी वजह से रेत पर टीले दिखाई पड़ने लगते हैं वो ना हो, और गंगा का प्रवाह गर्मी के मौसम में भी निरंतर बना रहे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जो लोग गंगा में शव का प्रवाह कर रहे हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि इससे गंगा में प्रदूषण हो सकता है, इसलिए गंगा में किसी हालत में शवों का प्रवाह नहीं होना चाहिएGanga water color changed in Benarasगंगा में रहने वाले जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच सकता है

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रोफेसर और गंगा वैज्ञानिक प्रो. बी.डी त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के पानी जो यह दिख रहा है वो ऐसा लग रहा है कि यह माइक्रोबियल माइक्रोसिस्ट है. इस तरह के माइक्रोसिस्ट अमूमन ठहरे हुए पानी या नालों में पाए जाते हैं, और यह देखा गया है कि रूके हुए पानी मे यह ज्यादा तेजी के साथ बढ़ते हैं.उन्होंने कहा कि फिलहाल देख कर लग रहा है कि आसपास के किसी नाले से बह कर शैवाल आया होगा.बदला गंगा के पानी का रंग, जानिए क्या है कारण अभी गंगा में बहाव कम है तो इसकी वृद्धि देखी जा रही है. लगातार इस प्रक्रिया के बने रहने से गंगा में रहने वाले जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच सकता है बरसात के मौसम से पहले वाराणसी में गंगा के कुछ हिस्सों में यह नजारा हर साल देखने को मिलता है. लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे गंगा नदी का पानी हरा रंग का हो गया है. जहां बीएचयू के वैज्ञानिकों ने इसे जांच के लिए लैब भेजा है तो वहीं यह चिंता भी जाहिर की है कि जीवों पर इसका खासा असर पड़ेगा.
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