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कोवैक्सीन लगवाने वाले लोगो के विदेश यात्रा पर प्रतिबंध, जानिए क्यों….

यह खबर उन लोगों को जरूर परेशान कर सकती हैं जो अभी तुरंत विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं दरअसल स्वदेशी को वैक्सीन किटी के पीके लगवाने वाले यात्री यात्रियों को विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और यह विदेश यात्रा नहीं कर सकते,खबर है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग यानि EUL में शामिल नहीं होने के कारण अन्य देशों में एंट्री लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कई देशों ने टीका प्राप्त यात्रियों के लिए नीतियों की घोषणा कर दी हैं. वहीं, कुछ देश जल्द ही नए नियमों का ऐलान करने वाले हैं.भारत बायोटेक के 50 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव, ट्विटर पर छिड़ी बहस - 50 employees of Bharat Biotech, Corona positive, sparked debate on Twitter

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कई देश उन्हीं वैक्सीन को अनुमति दे रहे हैं, जिन्हें उनके नियामकों की तरफ से मंजूरी मिल चुकी हो या वे WHO की सूची में शामिल हों. फिलहाल इस सूची में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड, मॉडर्ना, फाइजर, एस्ट्राजेनेका (2), जेनसेन (अमेरिका और नीदरलैंड्स) और सिनोफार्म/बीबीआईपी का नाम शामिल है. संगठन ने अब तक कोवैक्सीन को EUL में शामिल नहीं किया है.

 

 

डब्ल्युएचओ के ताजा दिशा-निर्देशों से पता चलता है कि भारत बायोटेक ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जमा किया है, लेकिन इसके संबंध में अभी ‘और जानकारी की जरूरत है.’ डब्ल्युएचओ ने कहा है कि मीटिंग मई-जून में तय है. इसके बाद कंपनी को एक डोजियर दाखिल करना होगा.कोवैक्सीन' के दूसरे चरण का परीक्षण जीएमसीएच में होने की संभावना - the second phase of covacin is likely to be tested at gmch

इस डोजियर के स्वीकार किए जाने के बाद कोवैक्सीन को अपनी सूची में शामिल करने से पहले डब्ल्युएचओ की तरफ से आंकलन किया जाएगा. इसके बाद वैक्सीन के EUL में शामिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.अब इस दौरान हर काम में हफ्तों का समय लग सकता है. टीओआई के अनुसार, इसे लेकर भारत बायोटेक की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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इमीग्रेशन एक्सपर्ट विक्रम श्रॉफ का कहना है कि अगर वैक्सीन EUL में नहीं है या विदेश में उसे मंजूरी नहीं मिली है, तो यात्री को टीका प्राप्त नहीं माना जाएगा. फिलहाल भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड को अनुमति मिली हुई है. इसके अलावा रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V भी इस्तेमाल के लिए तैयार है. उम्मीद की जा रही है कि यह जल्द ही बाजार में व्यापक स्तर पर उपलब्ध हो जाएगी.

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