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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की कुर्सी पर खतरा,पार्टी नए चेहरे को सौंप सकती है मुख्यमंत्री की कुर्सी

चर्चा है कि पार्टी राज्य में किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप सकती है। राजनीतिक सरगर्मी के बीच CM रावत को भी पार्टी ने सोमवार को दिल्ली तलब कर लिया। रावत सोमवार को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण जाने वाले थे, लेकिन वे अपना दौरा रद्द कर दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने दोपहर में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से मुलाकात की। इस बीच, देर शाम तक नड्‌डा और गृह मंत्री अमित शाह के बीच महत्वपूर्ण बैठक चली। इसमें संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल हुए। रावत को फिर एक बार नड्‌डा ने रात 9:15 बजे अपने आवास पर बुलाया।कोरोना संक्रमित उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली AIIMS में भर्ती - Uttarakhand CM Trivendra Singh Rawat admitted to AIIMS in Delhi - AajTak

इस बीच, CM की रेस में राज्य के दो मंत्री धनसिंह रावत और सतपाल महाराज का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं, चर्चा ये भी है कि अगर दोनों में से किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो नैनीताल से सांसद अजय भट्ट और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी में से किसी एक को राज्य की बागडोर सौंपी जा सकती है।

पार्टी ने दो दिन पहले भेजे थे ऑब्जर्वर
भाजपा ने शनिवार को दिल्ली से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह, महासचिव और ​​​​​​राज्य के प्रभारी दुष्यंत गौतम को ऑब्जर्वर के तौर पर उत्तराखंड भेजा था। रविवार को दोनों ने राज्य के चार सांसदों और 45 विधायकों के साथ बैठक की थी। सिंह और गौतम रविवार को दिल्ली लौट आए थे। राज्य के ताजा राजनीतिक हालात को लेकर सोमवार को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा को रिपोर्ट भी सौंप दी।Uttarakhand cabinet approves formation of integrated safety scheme to deal with natural calamities

सरकार में ब्यूरोक्रेसी के हावी होने का आरोप लगाया
सूत्रों का कहना है कि देहरादून में भाजपा नेतृत्व की तरफ से बीते शनिवार को भेजे गए दोनों आब्जर्वर ने कई विधायकों के साथ अलग से बैठक की थी। इस दौरान विधायकों ने बताया कि वर्तमान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर नुकसान हो सकता है। सरकार में ब्यूरोक्रेसी के हावी होने के कारण जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनी जा रही है। जिससे जनता में भी नाराजगी है।

उत्तराखंड के 4 मंत्री और दर्जन भर विधायक दिल्ली में मौजूद
खास बात है कि राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और कई विधायक पिछले दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। भाजपा के संसदीय बोर्ड की नौ मार्च को दिल्ली में होने वाली बैठक में भी उत्तराखंड के मसले पर विचार होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड के 4 मंत्री और दर्जन भर विधायक दिल्ली में मौजूद हैं। मंत्री अरविंद पांडेय, सतपाल महाराज सुबोध उनियाल, पूर्व सांसद बलराज पासी, विधायक खजान दास, हरबंस कपूर, हरबजन सिंह चीमा जैसे नेता भी दिल्ली में मौजूद बताए जा रहे हैं।Uttarakhand: cabinet and council meeting today | NewsTrack English 1

डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू
उत्तराखंड में भाजपा से जुड़े एक नेता ने न्यूज एजेंसी से कहा कि अगले साल 2022 में चुनाव है। कई विधायकों की नाराजगी के कारण वर्तमान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव लड़ना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व विधायकों को मनाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश में जरूर लगा है। ऑब्जर्वर की रिपोर्ट पर भाजपा नेतृत्व को आगे का फैसला करना है। चेहरा नहीं बदला, तो मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होना तय माना जा रहा।

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