अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिताने में अपना पूरा धन और जोर लगाने वाले एलन मस्क पर ही ट्रंप के लगाए टैरिफ की मार पड़ने लगी है. अरबपति टेस्ला के सीईओ ने बीते हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप से टैरिफ हटाने की अपील की. यह घटना दोनों के बीच अब तक का सबसे बड़ी टकराव मानी जा रही है. मस्क का मानना है कि अमेरिका और यूरोप के बीच ‘जीरो टैरिफ’ होना चाहिए, ताकि व्यापार करना आसान हो सके. हालांकि ट्रंप की नई नीति और मस्क की सोच में टकराव अब खुलकर सामने आ गया है, जिससे टेस्ला को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है
दरअसल, जब अमेरिकी चुनाव हुए तो सबके अपने-अपने ख्वाब थे. डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता की जरूरत थी, जबकि उनके अरबपति साथी एलन मस्क अपने बिजनेस को विस्तार देना चाहते थे. ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए. अमीर भी ऐसे कि दूसरे नंबर के अमीर और मस्क के बीच बहुत बड़ा फासला हो गया. दोनों के ख्वाब पूरे हो रहे थे. लेकिन शायद मस्क भी नहीं जानते थे कि ट्रंप एक एक ऐसा राग छेड़ देंगे, जो उनके (एलम मस्क) लिए भी सिरदर्द बन जाएगा. ट्रंप ने घोषणा कर दी कि अप्रैल 2025 से दुनिया के तमाम देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होगा. जो जितना टैक्स अमेरिकी उत्पादों पर लगाएगा, अमेरिका भी उस देश पर उतना ही जवाबी टैरिफ लागू करेगा. 3 अप्रैल की रात को ट्रंप ने तमाम देशों पर टैरिफ रेट बता दिया. चीन पर 34 फीसदी तो भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया गया. इसी तरह यूरोपियन देशों पर भी भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया गया. यहां तक कि ऑटो इंडस्ट्री पर सीधे-सीधे 25 फीसदी टैक्स लगाया गया.
यहीं से शुरू हुआ टैरिफ वॉर. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी चीन ने भी अमेरिका से चीन आने वाले सामान पर 34 फीसदी टैरिफ लगा दिया. उधर, कनाडा ने भी अमेरिकी वाहनों पर 25 फीसदी का टैरिफ थोप दिया. अब सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी हुई ट्रंप के उस अरबपति दोस्त के सामने, जिसने अपना पूरा पैसा और ताकत ट्रंप को जिताने में लगा दी थी. एलन मस्क. मस्क की जो भी कारें कनाडा में बिकेंगी, वह अमेरिका की तुलना में काफी महंगी होंगी. मतलब मस्क के बिजनेस पर टैरिफ की मार पड़ने लगी.
एलन मस्क भी जल्दी ही इस चीज को भांप गए और बीते हफ्ते मस्क ने ट्रंप से टैरिफ को हटाने की गुहार लगाई. द वॉशिंगटन पोस्ट ने दो जानकार लोगों के हवाले से खबर लिखी, जिसमें इस बात की तकसीद की गई थी कि एलन मस्क ने ट्रंप से टैरिफ हटाने की अपील की है. एलन मस्क ट्रंप से कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ को शून्य कर देना चाहिए. यह बात उन्होंने इटली के फ्लोरेंस में एक वर्चुअल सम्मेलन में कही, जहां वहां की दक्षिणपंथी लीग पार्टी का जलसा चल रहा था.
मस्क का तर्क था कि अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ को शून्य करने से कारोबार आसान होगा और बेकार के खर्चे कम होंगे. लेकिन ट्रंप ने अपनी नई पॉलिसी में सभी आयात पर 10% का बेसलाइन टैरिफ और कई देशों पर उससे भी ज्यादा कर लगा दिया. मस्क, ट्रंप के सलाहकार भी हैं और अमेरिकी सरकार के फिजूलखर्ची को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. मस्क ने ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो पर भी तंज कसा, जो टैरिफ के समर्थक हैं. नवारो ने जवाब में कहा, “एलन जब अपने DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी) के काम में रहते हैं तो ठीक हैं, लेकिन वह अपनी कारों के कारोबार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.” नवारो का कहना था कि टेस्ला भले ही अमेरिका में कार बनाती हो, लेकिन इसके कलपुर्जे चीन, मैक्सिको, जापान और ताइवान जैसे देशों से आते हैं, इसलिए मस्क को टैरिफ से दिक्कत हो रही है. पश्चिमी मीडिया इसे ट्रंप और मस्क की दोस्ती में दरार और दोनों के बीच अब तक का सबसे बड़ा टकराव मानकर चल रहा है
