News Times 7
देश /विदेश

अवैध शराब के धंधेबाजों पर तेजी से हो रही कार्रवाई, अपराध करने वालों पर भी रहेगी नजरः CM नीतीश

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के धंधेबाजों पर तेजी से कार्रवाई किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बालू के अवैध धंधेबाजों और अपराध करने वालों पर भी नजर रहेगी।

नीतीश कुमार ने रविवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में पूर्ण नशामुक्ति, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह से मुक्ति हेतु आयोजित समाज सुधार अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध शराब के धंधेबाजों पर तेजी से कार्रवाई हो रही है। अब ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। शराब के धंधेबाजों पर मद्य निषेध और पुलिस विभाग की पूरी नजर है। धंधेबाज ड्रोन ऊपर से चित्र लेता रहेगा और कार्रवाई होती रहेगी। अभी 26 ड्रोन की सहायता ली जा रही है। ड्रोन हेलीकॉप्टर का भी उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से गंगा नदी के दोनों किनारों पर भी निगरानी की जा रही है। अगर कोई भी गड़बड़ी करेगा तो बच नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू के अवैध धंधेबाजों और अपराध करने वालों पर भी नजर रहेगी। आप सभी से अपील है लोगों को जागरुक कीजिए और गड़बड़ी करने वालों सूचना दीजिए। उन्होंने कहा कि दो लाख 17 हजार से अधिक छापेमारी अब तक की गई है। अपराध नियंत्रण के लिए भी लगातार काम हो रहा है। हाल ही में नालंदा में आठ आदमी की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। समाज सुधार अभियान सिफर् नशामुक्ति के लिए ही नहीं है बल्कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ भी यह निरंतर चलते रहना चाहिए। समाज सुधार अभियान में पूर्ण नशामुक्ति, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह को लेकर काम किया जा रहा है, इसके लिए कानून भी बनाए गए हैं। जननायक कर्पूरी ठाकुर वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने शराबबंदी लागू की थी, लेकिन 2 वर्ष बाद उसे हटा दिया गया।

Advertisement

नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी के बाद घर और समाज का माहौल बदल गया। शराब पीने के पक्षधर कुछ लोग उनके खिलाफ बोलते रहते हैं। वे खुद को ज्यादा काबिल, पढ़ा लिखा और विद्वान समझते हैं लेकिन ऐसे लोग काबिल नहीं हो सकते हैं। जो शराब के पक्ष में बोलेगा वह गलत ही होगा। समाज में 10 प्रतिशत गड़बड़ करने वाले लोग होते हैं। शराबबंदी को लेकर कुछ लोग तरह-तरह के सवाल खड़े करने लगे। जहरीली शराब पीकर लोग मरते हैं। वह तो शुरू से कहते हैं कि शराब कितनी खराब चीज है। इसका सेवन मत करो, शराब पीने से मौत भी हो सकती है। उन्होंनेे आकलन कराया तो पता चला कि शराबबंदी लागू होने के बाद एक करोड़ 64 लाख से ज्यादा लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है। उन्होंनेे पुन: इसका आकलन कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि विधानमंडल से सभी दलों ने सर्वसम्मति से शराबबंदी कानून पास कराया गया और सभी सदस्यों ने शराबबंदी के पक्ष में शपथ लिया था।

Advertisement

Related posts

कोविड से हुई मौतों का दावा करने वाली एलआइसी से जुड़ी रिपोर्ट काल्पनिक, सरकार ने कहा- निपटाए गए क्लेम में सभी वजहों से मौतें शामिल

News Times 7

विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- कोरोना से मृत लोगों के आश्रितों को सरकार दे रही 4.5 लाख रुपए

News Times 7

असम में 15 फरवरी से यात्रियों की अनिवार्य कोविड जांच होगी बंद

News Times 7

Leave a Comment

टॉप न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़