कोलकाता. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हिंदुओं के लिए मुसलमान या ईसाई खतरा नहीं हैं, बल्कि सबसे बड़ा खतरा वामपंथियों और लिबरल विचारधारा से है. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उनके अनुसार, हिंदुओं को कमजोर करने वाले उनके अपने समाज के भीतर ही मौजूद हैं.
सीएम हिमंत ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदुओं की स्थिति को कमजोर करने की परंपरा वामपंथियों और लिबरल विचारधारा से चली आ रही है, जिसे ममता बनर्जी ने आगे बढ़ाया है. उनका कहना था कि भारत की सभ्यता 5000 साल पुरानी है और यह 1947 में स्वतंत्रता के साथ शुरू नहीं हुई थी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक स्वाभाविक रूप से धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और इसे सहिष्णुता व भाईचारे का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है.
राहुल और ममता पर हिमंत का निशाना
असम के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘अगर राहुल गांधी या ममता बनर्जी यह सोचते हैं कि हिंदू खत्म हो जाएंगे, तो उन्हें यह जानना चाहिए कि हिंदू हमेशा रहेंगे.’ उन्होंने दावा किया कि असम में हिंदुओं की जनसंख्या घटकर 58% रह गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में यह करीब 65% के आसपास हो सकती है. उन्होंने विश्वास जताया कि हिंदू सभ्यता हमेशा बनी रहेगी और आगे भी फलती-फूलती रहेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, इस बात को रेखांकित करते हुए सरमा ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि “500 साल बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ और अब वक्फ कानून को भी समाप्त करने का समय आ गया है.” उन्होंने यह भी कहा कि तीन तलाक पहले ही खत्म किया जा चुका है और अब समान नागरिक संहिता (UCC) के संकेत भी साफ दिखाई दे रहे हैं.!
