नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह 11 बजे चुनाव आयोग पहुंचे और यमुना नदी में जहर मिलाने वाले बयान पर आयोग के हर सवाल का जवाब दिया. केजरीवाल के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पहुंचे थे. अरविंद केजरीवाल ने अपने जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर CEC ने हरियाणा सरकार और बीजेपी के नेताओं पर यमुना को लेकर कार्यवाही नहीं कि तो ये माना जाएगा कि चुनाव आयोग जनता के हित के बजाए सत्ताधारी दल के हित में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठा जा सकता है. मेरे ऊपर जो भी अवैध कार्यवाही बीजेपी के इशारे पर होती है तो मैं इसे स्वागत करता हूं.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयोग पर केजरीवाल के हमले के बीच चुनाव आयोग का बयान पर ईसी ने कहा है कि वह बिना किसी निजी आक्षेप के प्रभाव और आक्रामक रणनीति के बीच चुनाव आयोग मेरिट के आधार पर फैसला करेगा. इससे पहले केजरीवाल ने यमुना विवाद पर EC द्वारा पूछे गए पांच सवालों का भी जवाब सिलसिलेवार ढंग से दिया है.
चुनाव आयोग का पहला सवाल- किस प्रकार का जहर पानी में मिक्स था?
केजरीवाल का जवाब- अमोनिया
चुनाव आयोग का दूसरा सवाल- सबूत क्या हैं?
केजरीवाल का जवाब- 27 जनवरी की दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ की चिट्ठी में अमोनिया की मात्रा बताई गई है.
चुनाव आयोग का तीसरा सवाल- जगह क्या है?
केजरीवाल का जवाब- 27 जनवरी को DJB के सीईओ की चिट्ठी
चुनाव आयोग का चौथा सवाल- किस अफसर ने इसे पकड़ा?
केजरीवाल का जवाब- जल बोर्ड सीईओ और अन्य अफसरों ने इसे पकड़ा है.
चुनाव आयोग का पांचवा सवाल- मेथडलॉजी क्या है?
केजरीवाल का जवाब- ये भी जलबोर्ड के सीईओ और अन्य से कन्फर्म किया जा सकता है.
केजरीवाल ने क्यों दिल्ली वालों को दी बधाई
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि दिल्लीवासियों को बहुत-बहुत बधाई. हम सबका संघर्ष रंग लाया. दिल्ली में जो जहरीला पानी भेजा जा रहा था, वो अब बंद हो गया. दिल्ली में आने वाले पानी में अमोनिया की मात्रा 7 ppm से घटकर 2 ppm हो गई है. अगर हम आवाज नहीं उठाते और संघर्ष नहीं करते, तो आज दिल्ली की आधी आबादी को पानी नहीं मिल रहा होता. हमने दिल्ली को बहुत बड़े पानी के संकट से बचा लिया. चुनाव आयोग ने मुझे नोटिस देकर सजा देने की धमकी दी है. चुनाव आयोग को मेरा जवाब है.
क्यों मांगे थे चुनाव आयोग ने सबूत?
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बीच केजरीवाल द्वारा यमुना नदी में जहर मिलाने वाले बयान के बाद से हरियाणा और दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लिया. चुनाव आयोग ने केजरीवाल से इस पूरे मामले में सबूत भी मांगे थे. लेकिन, जो जवाब केजरीवाल द्वारा दिए गए, चुनाव आयोग उससे संतुष्ट नहीं है. चुनाव आयोग ने केजरीवाल को आरोप साबित करने का एक और मौका दिया है. गुरुवार को आयोग ने कहा कि कौन सा पदार्थ, कितनी मात्रा में और किस प्रकार से पानी में मिलाया गया था, साथ ही यह भी पूछा है कि दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों का इस जहरीले पानी की पहचान में क्या योगदान था.
क्या था केजरीवाल का आरोप?
केजरीवाल ने कहा था कि यमुना के पानी में अमोनिया के स्तर को एक सुनियोजित तरीके से बढ़ाकर लोगों को जहर देने की तैयारी हो रही है. निर्वाचन आयोग ने केजरीवाल से यह भी अनुरोध किया है कि वे अमोनिया संदूषण और जहर देने के आरोपों के बीच अंतर को स्पष्ट करें और दोनों मुद्दों को एक साथ जोड़ने से बचें. चुनाव आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि अरविंद केजरीवाल ने यह आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार ने जानबूझकर यमुना नदी में जहर घोला था, जिससे दिल्ली में नरसंहार की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी. आयोग ने आपको 29 जनवरी तक इस बयान के बारे में तथ्यों और कानूनी पक्ष के साथ प्रमाण देने का समय दिया था. आयोग को जो जवाब के रूप में एक पत्र प्राप्त हुआ, उसमें कोई स्पष्टता नहीं दी गई थी. देखने वाली बात होगी कि केजरीवाल चुनाव आयोग के सामने क्या जवाब देते हैं। क्योंकि, इस मामले पर उन्हें भाजपा और कांग्रेस की ओर से घेरा
