इंदौर: कहते हैं कि इंसान अगर चाहे तो मिट्टी से सोना बना सकता है और कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने। जी हां हम बात कर रहे हैं एशिया के सबसे बड़े इंदौर में सीएम शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से बने गीले कचरे से बने बायोगैस प्लांट की। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि जहां कुछ साल पहले कचरे के ढेर लगे होते थे और बदबू इतनी कि इंसान एक मिनट भी वहां खड़े हो पाना मुश्किल होता था आज लोग वहां रुककर सेल्फी ले रहे हैं। खास बात यह कि यह गैस प्लांट किसानों के लिए वरदान साबित होगा। यह गैस प्लांट गोबर से चलता है और इसके लिए आस पास के गांवों से गोबर खरीदा जाएगा। दूसरी खास बात यह कि इस प्लांट की क्षमता 550 टन तक की है। जिससे लगभग 17 से 18 (TPD )टन पर डे प्रोड्यूस होगा। यानी रोजाना 17 से 18 टन सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। वही 100 टन जैविक खाद का उत्पादन होगा जिसका उपयोग जैविक खेती के लिए किया जाएगा
पीएम मोदी ने की तारीफ…
इंदौर की उपलब्धि को देखकर देश के प्रधानमंत्री मोदी भी तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए। गोबर – धन प्लांट का लोकार्पण के दौरान उन्होंने इंदौर की जमकर तारीफ की। साथ ही कहा कि इंदौर का ये प्रयास दूसरे राज्यों को भी प्रेरणा देगा।
क्रांतिकारी कदम साबित होगा सीएनजी प्लांट
किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बायो सीएनजी प्लांट में गोबर का इस्तेमाल किया जाएगा। जोकि इंदौर के आसपास के किसानों से खरीदा जाएगा। वहीं सीएनजी बनने के बाद रोजाना 100 मैट्रिक टन जैविक खाद का भी उत्पादन होगा। जोकि किसानों को दी जाएगी। इसके अलावा गैस से निकलने वाली सीएनजी गैस का इस्तेमाल लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सहित कॉरपोरेशन की 4 लौ बसों में किया जाएगा। जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए उपयोग होगा। इसके अलावा बची हुई सीएनजी गैस इंडस्ट्रीज को नगर निगम बेचेगा यह सीएनजी बाजार से 5 रुपए कम कीमत में दी जाएगी और सबसे बड़ी बात यह है कि इस गैस प्लांट से सरकार को मार्केट मूल्य की सीएनजी गैस से 5 रुपए कम में यहां सीएनजी गैस मिलेगी जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व भी बचेगा और वही किसानों को जैविक खाद की भी पूर्ति करेगा।
