सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गांवों के मुकाबले शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। पिछले हफ्ते शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 1.64 फीसदी बढ़कर 11.72 फीसदी पहुंच गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगातार नीचे रही। 9 मई को समाप्त सप्ताह में ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.29 फीसदी थी जो उसके एक हफ्ते पहले 7.35 फीसदी और चार अप्रैल को 8.58 फीसदी थी।
सीएमआईई के एमडी महेश व्यास ने बताया कि लॉकडाउन सीधे तौर पर तो बेरोजगारी नहीं बढ़ा रहा , लेकिन इससे भारतीय अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है और रोजगार के मौके घटते जा रहे हैं।
पिछले साल रिकॉर्ड 27 फीसदी बेरोजगारी
लंबे लॉकडाउन की वजह से पिछले साल बेरोजगारी दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। मई 2020 को बेरोजगारी दर का आंकड़ा 27.11 फीसदी पर था जो आर्थिक सुधारों के बाद 17 जनवरी 2021 को घटकर 4.66 फीसदी पर आ गया था। 27 दिसंबर को बेरोजगारी दर 9.5 फीसदी थी।

अप्रैल की महंगाई दर रहेगी 4.2 फीसदी, तीन महीने में सबसे कम
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच खुदरा महंगाई के मोर्चे पर रहात मिलने की उम्मीद है। 50 अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक, सब्जियों और खराब होने वाले पदार्थों की कीमतों में नरमी से अप्रैल में खुदरा महंगाई घटकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ सकती है।
सर्वे के अनुसार, यह आरबीआई के तय 4 फीसदी के लक्ष्य से थोड़ा अधिक है। मार्च में खुदरा कीमतों पर आधारित महंगाई चार महीने में सबसे अधिक 5.52 फीसदी थी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि खुदरा महंगाई में नरमी संक्रमण की वजह से बढ़ते जोखिमों के बीच कीमतों को नियंत्रित करने में नीति निर्माताओं को राहत देगी।
