दिल्ली में एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई जब दिल्ली को दहलाने वाले एक बड़े संगठन का पता जांच एजेंसी को चला दरअसल 6 फरवरी को सोफिया में गिरफ्तार किए गए ,लश्कर ए मुस्तफा के चीफ कमांडर हिदायतुल्लाह मलिक ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है ,पुलिस को मलिक ने अपने बयान में बताया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैसे मोहम्मद ने दिल्ली को दहलाने के एक बड़ी साजिश रची थी ,इसके लिए अलग-अलग जगहों से NSAअजीत डोभाल के दफ्तर की रेकी की गई थी,
बिहार से हथियार मंगा रहे आतंकी जम्मू कश्मीर के DIG दिलबाग सिंह के मुताबिक, लश्कर-ए-मुस्तफा का चीफ हिदायतुल्ला मलिक काफी समय से एक्टिव था। वह दिल्ली को दहलाने से पहले जम्मू में अपना अड्डा तैयार करने की फिराक में था। उसने बिहार से हथियार मंगवाने के लिए नेटवर्क बनाया था। इन हथियारों को घाटी और देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए पंजाब के युवाओं की मदद लेने वाले थे। इन युवाओं को गुमराह करके संगठन में शामिल कर रहा था। अब तक बिहार से 7 से ज्यादा पिस्टल लाए जा चुके हैं।
पुलवामा की बरसी पर बड़ा हमला करने वाले थे
DIG दिलबाग ने बताया कि आतंकियों का रविवार को पुलवामा की दूसरी बरसी पर जम्मू में बड़ा हमला करने का प्लान था। जम्मू बस स्टैंड से मिला IED भी इसी का एक हिस्सा था। IED प्लांट करने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ में पढ़ाई करने वाले काजी वसीम की थी। वसीम चंडीगढ़ में ही पढ़ाई करता है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इस IED से जम्मू के रघुनाथ मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लखदाता बाजार में से किसी एक जगह धमाका करने वाले थे।
मलिक ने बताया कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के दफ्तर की रेकी का वीडियो बनाया था। इसे वह अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजने वाला था। पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर ही उसने डोभाल के दफ्तर के साथ कुछ अन्य अहम इमारतों की रेकी भी की थी।
जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने बताया कि कुछ समय से भारत में नए आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की तरफ से तैयार किया जा रहा है। इनमें लश्कर-ए-तैयबा (TRF) और लश्कर-ए-मुस्तफा (LEM) शामिल है। LEM को अगस्त 2020 से ही सक्रिय किया गया था, जबकि TRF 2019 से सक्रिय है। पुलिस ने दोनों के चीफ कमांडर को पकड़ा लिया गया है।
