पटनाः बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आसन की भूमिका पर सवाल उठाया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता सुनाकर अपने मन के भाव व्यक्त किए, जिससे सदन का माहौल अभूतपूर्व हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कविता की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि ‘उद्यानों में वीरानों में अपमानों में सम्मानों में कदम मिलाकर चलना होगा। घोर घृणा में, पूत प्यार में क्षणिक जीत में दीर्घ हार में कदम मिलाकर चलना होगा’। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संविधान व कानून का महत्व है। लोकतंत्र एक कंकाल में बदल जाता है, जब उसकी शक्ति घट जाती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था का क्षरण नहीं होने देना है। जड़ें खोखली नहीं होनी चाहिए।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के सुझाव को ग्रहण करना चाहिए। अगर आसन संविधान से अलग होता है तो इसकी सूचना उन्हें उनके कक्ष में आकर दें। बता दें कि प्रश्नकाल के बाद जब मुख्यमंत्री सदन से निकल गए तो विधानसभा अध्यक्ष ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता पढ़ी थी।
