बठिंडा। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर डेरा सच्चा सौदा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पिछले कई दिनों से डेरे ने राजनीतिक दलों के नेताओं की सांसें थाम रखी थी। हालांकि डेरा अपने निर्णय को लेकर अभी भी खुलकर नहीं बता रहा। इसे गुप्त रखा जा रहा है। डेरा प्रेमियों को जुबानी संदेश पहुंचाया जा रहा है। डेरा सूत्रों के मुताबिक इस बार डेरा सच्चा सौदा किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट समर्थन नहीं देगा, बल्कि विधानसभा क्षेत्रवार प्रत्याशियों के समर्थन का फैसला किया गया है।
डेरे के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार डेरे ने इस बार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दलों को समर्थन देने का फैसला किया है। य
गुरमीत राम रहीम फरलो पर है बाहर
बता दें, पंजाब में डेरा चुनावों में अहम रोल अदा करता है। इन दिनों डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम फरलो पर बाहर आया हुआ था। राज्य में कई ऐसी सीटें हैं जहां डेरा समर्थक निर्णायक की भूमिका में होते हैं। खासकर मालवा में तो डेरे का बड़ा वोट बैंक है। इसके अलावा डेरा हरियाणा व दिल्ली के चुनावों में भी अहम भूमिका निभाता है। इस बार डेरे ने एक दल को समर्थन न देकर सभी को राहत दी है।
पंजाब में डेरे अहम
पंजाब में बड़ी संख्या में डेरे हैं। यहां डेरों की भूमिका अहम होती है। हर दल डेरों में नजर गड़ाए रहते हैं। डेरा सच्चा सौदा का मालवा क्षेत्र में प्रभाव है। इसी प्रकार राधा स्वामी डेरा ब्यास माझा की एक दर्जन सीटों पर ज्यादा प्रभाव डालता है।
