बक्सर सीबीएसई के बच्चे अपने परिणाम से असंतुष्ट हैं उन्होंने स्कूल पर अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है ,बच्चों का कहना है की यह इससे पहले हमारे अंक अच्छे आते थे, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि इतने सारे बच्चों का 50% से भी कम नंबर आया है ,प्री बोर्ड के परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक स्कूल ने हमारे परफॉर्मेंस को देखा तो वहां हम ठीक हैं लेकिन आज जब परिणाम घोषित हुए हैं वह संतोषजनक नहीं है ,हम सब की मेहनत पर स्कूल संचालकों ने पानी फेरने का काम किया है, बता दें कि इससे भी पहले कई ऐसे स्कूल हैं जिन पर पैसे लेकर नंबर बढ़ाने का आरोप लगा है ,कुछ ऐसे भी थे जहां खुलेआम पैसे की डिमांड की गई थी और ना देने पर रिजल्ट तक बिगाड़ देने की धमकी दी गई थी
बहुत सारे ऐसे भी स्कूल पाए गए हैं जहां शिक्षकों द्वारा प्रश्न पत्र की कॉपी घर ले जाकर लिखने की छूट बच्चों को दी गई थी , लेकिन आपको जानकारी होगा कि सीबीएसई के दिशा निर्देशों के अनुसार सीबीएसई कभी भी प्रश्न पत्रों को घर ले जाकर लिखने की अनुमति नहीं देता है और उन प्रश्न पत्रों को आपको बैठकर परीक्षा हॉल में ही सॉल्व करना होता है ,लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें निर्देशों की अवहेलना करते हुए बक्सर के कुछ स्कूल संचालकों ने बच्चों को घर ले जाकर लिखने के लिए प्रश्न पत्र दिया था !
सीबीएसई के खराब परिणाम का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है आपको बताते चलें कि यह मामला मुख्यमंत्री बिहार ,सीबीएसई दिल्ली और प्रधानमंत्री तक प्रेषित किया गया है ! जिस दिन परीक्षा के परिणाम घोषित हुए हैं तो अपने परिणाम से असंतुष्ट बच्चों ने स्कूल में हंगामा करना शुरू कर दिया लेकिन जानकर आपको ताज्जुब होगा कि प्रशासन ने उनके आवाज को दबाने का भरपूर प्रयास किया था और
किसी भी तरह का हो हल्ला या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, जिससे स्कूल संचालकों की यह करतूत सामने नहीं आ पाई ,हैरानी तो तब हुई जब कैमरे और माइक के साथ मेथाडिस्ट स्कूल पहुंची मीडिया भी तमाशा बीन बनी रहे उन्होंने भी बच्चों की इस आवाज को दबाने की भरपूर कोशिश की है,
