नए कृषि कानून पर विरोध शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं, हर रोज किसानों और सरकार से विफल बातचीत एक बड़ा घाव बनता जा रहा है जहां महीना के करीब पहुंचे आंदोलन के दिन ने अब पूरे देश में विरोध की आग लगानी शुरू की है! वहीं पंजाब, हरियाणा से जुड़े खिलाड़ियों और विभूतियों ने भी अपने पदक लौटाना शुरू कर दिया ! लेकिन इस बीच भारतीय अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी साहिल जामनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार हमारी बातें नहीं सुनती है
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी साहिल जमील ने दी सरकार को चुनौती, किसान विरोधी बिल वापस करो नही तो धरने पर बैठेंगे pic.twitter.com/IOGypYgJye
— Newstimes7 (@Newstimes71) December 24, 2020
पंजाब और हरियाणा के किसानों की बातें नहीं मानती है और बनाए हुए अपने किसान विरोधी कृषि कानून को अगर खत्म नहीं करती है तो अब इस आंदोलन में किसान ही नहीं बल्कि पंजाब ,हरियाणा ,कर्नाटक , उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए तमाम खिलाड़ी भी भाग लेंगे और सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे ! सरकार को घेरते हुए साहिल जामनी ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है , वह चाहती है की कारपोरेट घराने किसानों पर राज करें , लेकिन अन्न उपजाने वाला किसान इतना बेबस और लाचार नहीं है कि कारपोरेट के पैरों तले दबके रहे! वह अपनी आवाज बुलंद करेगा , और अपने हक के लिए सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेगा ! साहिल ने कहा कि अगर सरकार आने वाले कुछ हफ्तों में हमारी बातें नहीं सुनती तो नए सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने का निश्चय किया हूँ ! जहां मेरे साथ पंजाब ,हरियाणा के सभी खिलाड़ी साथ बैठेंगे यह धरना हम भूख हड़ताल में तब्दील कर सरकार को मजबूर करेंगे कि वह किसी कानून पर अपने फैसले वापस लें और इस किसान विरोधी बिल को खत्म करें!
