News Times 7
अर्थव्यवस्थाटॉप न्यूज़बड़ी-खबरब्रे़किंग न्यूज़

दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी20 समिट का किया जाएगा आयोजन , केंद्रीय मंत्री करेंगे स्वागत

नई दिल्ली. जी20 शिखर सम्मेलन के भारत आने वाले विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के लिए केंद्रीय मंत्री तैनात किए जाएंगे. सभी केंद्रीय मंत्रियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का स्वागत जनरल (सेवानिवृत) वीके सिंह करेंगे, जबकि इटली के पीएम, बांग्लादेश के पीएम, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री का स्वागत क्रमशः शोभा करंदलाजे, दर्शना जरदोश, अश्विनी चौबे और केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर करेंगे.

वहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति के स्वागत की जिम्मेदारी नित्यानंद राय, फ्रांस की राष्ट्रपति के लिए अनुप्रिया पटेल, जर्मन चांसलर के लिए बी. एल. वर्मा. और मॉरीशस के प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए श्रीपद नाइक को कहा गया है. इसी तरह से सिंगापुर के प्रधानमंत्री को एल. मुरुगन, यूरोपीय संघ प्रमुख को प्रह्लाद पटेल, स्पेन के राष्ट्रपति को शांतनु ठाकुर और चीन के प्रधानमंत्री को वीके सिंह रिसीव करेंगे

इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जी20 की मेजबानी करना भारत के लिए एक स्वर्णिम क्षण है और इसकी अध्यक्षता के दौरान तैयार की गई रूपरेखा ‘पूरे विश्व के लिए सार्थक परिणाम लाएगी.’ भारत ने पिछले साल जी20 की अध्यक्षता संभाली थी. जी20 नेताओं के शुक्रवार को शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले कोयला एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ‘पीटीआई’ से कहा कि जी20 की मेजबानी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और स्वर्णिम क्षण है

Advertisement

उन्होंने कहा, “एजेंडा वैश्विक भलाई का है, पृथ्वी की भलाई का है, पृथ्वी के सतत भविष्य का है और इसीलिए जी20 के लिए हमारा नारा ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ है. मिशन लाइफ इसका बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है.” जोशी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अर्थव्यवस्थाओं के सतत विकास पर ध्यान केंद्रित किया और कहा कि यह किसी युद्ध का समय नहीं है. उनके विचारों को विश्व स्तर पर स्वीकारा गया और सराहा गया

उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के नतीजे निस्संदेह पूरी दुनिया के लिए अच्छे परिणाम लाएंगे. भारत की स्थिति पर जोशी ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश पिछले कुछ वर्षों में एक नेता के रूप में उभरा है और आज भारत जो कहता है, दुनिया उसे सुनती है और उसका समर्थन करती है.” जोशी ने कहा कि भारत ने वैश्विक महामारी के दौरान संकट से निपटने के लिए विभिन्न देशों को घरेलू स्तर पर निर्मित टीकों और अन्य आवश्यक दवाओं की आपूर्ति करके वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

Advertisement
Advertisement

Related posts

ताज होटल का डेटा लीक होने का दावा, लगभग 1.5 मिलियन यानी 15 लाख लोगों की निजी जानकारी में सेंध

News Times 7

कलयुगी मां बच्चे को जन्म देने के बाद नवजात को अस्पताल में छोड़कर फरार

News Times 7

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद शरणार्थियों को शरण देने के मामले में पोलैंड विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश वही तुर्की नंबर वन पर

News Times 7

Leave a Comment

टॉप न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़