नई दिल्ली। आर्थिक स्थिति से जूझ रहे श्रीलंका को भारत ने बड़ी मदद की है। विदेश मंत्री डाक्टर एस जयशंकर ने बताया कि भारत श्रीलंका के साथ खड़ा है। साथ ही कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए 1 अरब (1 बिलियन) अमेरिकी डालर की क्रेडिट लाइन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इससे पहले श्रीलंका के वित्त मंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को भारत द्वारा दिए गए समर्थन के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया था। भारत ने विदेशी ऋण भुगतान और व्यापार के लिए देश में अमेरिकी डालर की कमी के कारण होने वाली गंभीर वित्तीय बाधाओं को दूर करने में मदद करने के लिए द्वीप राष्ट्र को 2.415 बिलियन अमेरिकी डालर की सहायता करने के लिए कदम बढ़ाया है।
खराब आर्थिक स्थिति के बीच कोलंबो द्वारा 4.5 बिलियन अमेरिकी डालर के चीनी ऋण का भुगतान करने में विफल रहने के कारण श्रीलंका चीन से दूर होता जा रहा है। श्रीलंका के विदेश मंत्री चीन और विभिन्न देशों से उनके वित्तीय संकट में उनकी मदद करने के लिए कहते रहे हैं। थिंक टैंक ने बताया कि श्रीलंका ने यह भी पेशकश की कि जो भी देश उनकी मदद करेगा श्रीलंका आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में सहयोग करेगा और उनके द्वीप पर आर्थिक अवसरों का लाभ उठाएगा।
बता दें कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री जिन्होंने हाल ही में कोलंबो का दौरा किया था। श्रीलंका ने सऊदी से पोर्ट सिटी परियोजना और हंबनटोटा पोर्ट परियोजना में निवेश करने का अनुरोध किया था। इसी तरह, ओमान को उनके ईंधन की कीमतों में सहायता करने के लिए कहा गया था।
श्रीलंका का वित्तीय संकट 2019 में ईस्टर संडे के हमलों के साथ शुरू हुआ और स्थिति तब बिगड़ गई जब पर्यटन दर गिर गई और सरकार ने निवेशकों को 25 प्रतिशत कर छूट दी।
गौरतलब है कि इस साल जनवरी में जयशंकर ने श्रीलंका के वित्त मंत्री तुलसी राजपक्षे के साथ एक वर्चुअल बैठक की और बताया था कि भारत हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है और आर्थिक और अन्य चुनौतियों पर काबू पाने के लिए हर संभव तरीके से श्रीलंका का समर्थन करना जारी रखेगा।
