न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के पांच जनवरी के आदेश के विरुद्ध अमेरिकी ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन द्वारा दायर याचिका पर बुधवार को फ्यूचर समूह से जवाब मांगा। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में रिलायंस के साथ फ्यूचर समूह के 24,500 करोड़ रुपये के विलय समझौते पर एक मध्यस्थता अधिकरण की जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने फ्यूचर समूह की फर्म को नोटिस जारी किया और याचिका को 23 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अमेजन, रिलायंस रिटेल के साथ एफआरएल के विलय का विरोध कर रही है और इसे लेकर दोनों कंपनियां एक साल से अधिक समय से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
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