यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। हर रोज हजारों यूजर्स यूपीआई पेमेंट शुरू कर रहे हैं जिनका लोड सहन करना मोबाइल-पेमेंट गेटवे यूपीआई के लिए मुश्किल है। यूपीआई ट्रांजैक्शन के लोड की वजह से मोबाइल और डिजिटल पेमेंट की सेवाएं बाधित हो रही हैं। बैंकों का कहना है कि पिछले तीन सालों में यूपीआई ट्रांजैक्शन दोगुना बढ़ा है जिसे हैंडल करना आसान नहीं है।
आईएमपीएस, एनईएफटी, आरटीजीएस का इस्तेमाल घटा
वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की गिरावट थी, लेकिन 2,230 करोड़ रुपये के यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए। वहीं आईएमपीएस, एनईएफटी, आरटीजीएस, एटीएम, प्वाइंट ऑफ सेल और चेक जैसे अन्य पेमेंट मोड के जरिए करीब 2,000 करोड़ के ही ट्रांजैक्शन हुए। 2021-22 के दौरान यूपीआई ट्रांजैक्शन के 3,000-3,500 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
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