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महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हल्दीघाटी के युद्ध का मैदान फिर चर्चा में

महाराणा प्रताप और अकबर के बीच के युद्ध का इतिहास बना हल्दीघाटी का मैदान फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है अब हल्दीघाटी के युद्ध क्षेत्र से वे शिलापट्ट भी हटाए जाएंगे जिन पर महाराणा प्रताप के युद्ध में पीछे हटने का जिक्र है. ये भी मांग की जा रही है कि नई पट्टिका लगाएं जिस पर प्रताप के विजेता होने का जिक्र हो. हल्दीघाटी युद्ध के मैदान में एक जगह है रक्त तलाई. ये वो क्षेत्र है जहां लगे शिलालेख के मुताबिक 21 जून को महाराणा प्रताप का अगुवाई में मेवाड़ की सेना और मान सिहं की अगुवाई में मुगल सेना आपस में भिड़ीं, जहां पर इतनी लाशें बिछी कि खून की नदी बही और तालाब लाल हो गया, इस वजह से इसको रक्त तलाई कहते हैं. लेकिन विवाद खड़़ा हुआ शिलापट्ट पर ये लिखा होना कि प्रताप की सेना को पीछा हटना पड़ा और युद्ध उसी दिन खत्म हो गया.Battle of Haldighati: आज के ही दिन 'हल्दीघाटी' में लिखी गई थी वीरता की  शौर्य गाथा | Battle of Haldighati: Read Some Interesting Facts about it -  Hindi Oneindia

इतिहासकार चंद्रशेखर शर्मा के दस्तावेज के आधार पर पहले पाठ्यक्रम में प्रताप को विजेता घोषित किया था और शर्मा ने इस शिलालेख पर आपत्ति की तो बदलने का फैसला हो गया. शर्मा का कहना है कि प्रताप न पीछे हटे, न हारे लेकिन इस शिलालेख से ये संदेश जा रहा है कि प्रताप युद्ध हार गए थे.

हल्दीघाटी शौर्य दिवस -... - स्वाभिमानी योद्धा महाराणा प्रताप | Facebook
राजसमंद से बीजेपी सासंद दीयाकुमारी ने भी 25 जून को केंद्रीय कला एंव संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर हल्दीघाटी युद्ध क्षेत्र में ऐसे शिलालेख पर आपत्ति जताई थी और उन्हें हटाने की मांग की थी. दीयाकमारी का कहना है कि केद्र सरकार ने मांग मान ली और अब ऐसे शिलालेख हल्दीघाटी क्षेत्र से हटेंगे और नए शिलालेख लगेंगे. दीयाकुमारी ने रक्त तलाई के शिलालेख हटाने के साथ ही युद्ध क्षेत्र में जहां अकबर की सेना ने पड़ाव डाला और उस जगह का नाम बादशाही बाग रखा गया, उसे भी बदलने की मांग की.

बीजेपी और मेवाड़ के कई संगठन प्रताप को विजेता मानते हैं, इसलिए युद्ध के मैदान में भी जगह-जगह उन सभी प्रतीक और शिलालेखों को हटाने के लिए काफी समय से अभियान चला रहे हैं जहां पर महाराणा प्रताप की हार या सेना के पीछे हटने का जिक्र है.
अकबर के इतिहास का एक ऐसा युद्ध जो सिर्फ चार घंटों में ही समाप्त हो गया था -  Azab Gazab | DailyHunt
राजूपत कऱणी सेना अध्यक्ष महिपाल मकराना का कहना है कि हमने ही मांग कर रहे थे कि ये पट्टिका गलत है, जिस पर लिखा है कि प्रताप की सेना पराजित हुई जबकि हकीकत ये कि अकबर को सेना को छह किलोमीटर पीछे जाना पड़ा. प्रताप जीते थे. अब केंद्र सरकार ने मांग मान ली लेकिन अब जल्द ही इसे हटाएं.हल्दीघाटी की लड़ाई का सच क्या है ,राणा युद्ध हारे थे या मुगल जीते थे ? -  Quora

तीन साल पहले राजस्थान में बीजेपी की सरकार ने इतिहासकार चंद्रशेखर शर्मा के शोध के आधार पर पाठ्य पुस्तकों में हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप को विजेता घोषित किया था. उससे पहले पुस्तकों में या तो प्रताप की हार बताई या युद्ध को अनिर्णित बताया था लेकिन शर्मा ने अपने शोध के आधार पर दावा किया था कि हल्दीघाटी युद्ध क्षेत्र के आसपास के गांवों में युद्ध के बाद महाराणा प्रताप की मुहर वाले पट्टे थे औऱ भी कई सबूत रखे थे. और दावा किया इन सबूतों से साफ है कि प्रताप का अधिकार युद्ध के बाद भी इस क्षेत्र पर था. यानी प्रताप ही जीते थे.

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