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जाति की नैयां पर सवार मुकेश सहनी को नहीं मिल रहे उमिद्दवार, लोजपा बागियों की पहली पसंद,

  • भाजपा ने वीआईपी को 11 सीटें तो दे दीं, लेकिन मुकेश सहनी को इन सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा कर रंग में भंग डालने वाले मुकेश सहनी अब एनडीए की नैय्या पर सवार हैं। एनडीए में भाजपा और जदयू ने अपनी सीटों की कुर्बानी देकर वीआईपी को 11 सीटें तो दे दीं, लेकिन वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को इन सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।

अतिपिछड़ों के लिए प्यार की गंगा बहाने के चक्कर में भाजपा ने अपने निवर्तमान विधायकों की भी चिंता नहीं की। बोचहां और सुगौली सीटिंग सीटें होने के बावजूद वीआईपी पार्टी को दे दी गईं। यही नहीं, सहयोगी जदयू से ली गई और उसकी जीती गईं सीट गौडाबौराम भी वीआईपी को दे दी गई। पार्टी के इस फैसले को लेकर सभी 11 विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ता गुस्से में हैं, लेकिन भाजपा की असल मुश्किल ये नहीं।

भाजपा की मुश्किल है कि जिस वीआईपी पार्टी के लिए उसने इतनी जहमत उठाई, उस पार्टी के पास इन 11 सीटों पर चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार ही नहीं हैं। वीआईपी के साथ सामने आ रही इसी मुश्किल पर अब भाजपा बैठक पर बैठक किए जा रही है।

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भाजपा अब तक पहले चरण में अपने हिस्से आईं 29 सीटों पर ही केवल उम्मीदवारों का ऐलान कर पाई हैं। बाकी की 81 सीटों पर अब भी उसे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करना है। भाजपा के खाते आईं सीटों में सबसे अधिक 46 पर दूसरे चरण में मतदान होना है, लिहाजा भाजपा के लिए पहले चरण से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण दूसरे चरण का रण है। पार्टी कुछ गिनी-चुनी सीटों पर अब भी मंथन कर रही है।

दिल्ली में हो रही बैठकों में इस बात पर चर्चा हो रही है कि मुकेश सहनी के हिस्से गईं सीटों पर उम्मीदवार कौन होंगे। एक तरफ बनियापुर और सुगौली जैसी कई सीटों पर वीआईपी के पास उम्मीदवार नहीं हैं। तो दूसरी तरफ भाजपा में इन सीटों के वीआईपी के हिस्से में जाने को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी है। ऐसे में भाजपा ने वीआईपी के हिस्से गई कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है।

हालांकि इससे पहले ही मधुबनी सीट से भाजपा नेता सुमन कुमार महासेठ को वीआईपी का उम्मीदवार बनाया जा चुका था, लेकिन तब ऐसा लगा था कि भाजपा अपने कुछ नेताओं को वीआईपी में एडजस्ट कर रही है, लेकिन अब जो बात सामने आ रही है उससे ये साफ हो गया है कि वीआईपी की नैय्या भाजपा के उम्मीदवारों के बिना पार ही नहीं लग सकती।

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आज देर शाम पटना पहुंच सकते हैं भाजपा के कई नेता
दिल्ली में चल रही बैठकों का सिलसिला पटना में भी जारी रहेगा। दिल्ली में आज बैठक के बाद रविवार को पटना में भी बैठक होनी है, जिसमें दिल्ली बैठक में शामिल नेताओं के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शामिल होंगे। सुशील मोदी आज रामविलास पासवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने की वजह से दिल्ली नहीं जा सके। रविवार की इन बैठकों के बाद बीजेपी की दूसरी लिस्ट जारी हो सकती है। तीसरे चरण की सीटों के लिए तीसरी लिस्ट 12 अक्टूबर के बाद जारी हो सकती है।

पहली बार हर बागी को टिकट, लोजपा बागियों की पहली पसंद, पहला चरण में 71 सीटों पर चुनाव
  • भाजपा से नाराज 9-जदयू के दो बागियों को लोजपा से टिकट
  • रालोसपा ने जदयू से बागी हुए 2 नेताओं को उम्मीदवार बनाया
  • राजद ने बसपा-रालोसपा से 1-1 बागी को सिंबल दिया
  • राजनीति आस्था नहीं, संभावनाओं का खेल है। चुनावी मौसम में यह परिभाषा परवान चढ़ रही है। नेताओं को जहां टिकट की संभावना दिख रही वहीं जा रहे। ऐसा पहली बार हो रहा है कि हर बागी को हर दल टिकट दे रहे हैं। क्योंकि 4 गठबंधन हैं। फिलहाल पहली पसंद लोजपा है।

    लोजपा ने भाजपा से आए 9 और जदयू से आए 2 बागियों को टिकट थमाया है। रालोसपा ने जदयू के दो बागियों को टिकट दिया तो 5 बागी निर्दलीय हैं। यह अब तक की स्थिति है। आने वाले दो चरणों में बगावत के सुर और तेज होते दिखेंगे।

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    लोजपा ने भाजपा से आए झाझा के विधायक रवीन्द्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष रहे राजेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया, उषा विद्यार्थी, महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष इंदू कश्यप, पिछली बार भाजपा टिकट पर ही चुनाव लड़े डॉ. मृणाल शेखर, पार्टी की महिला मोर्चा की प्रवक्ता रही श्वेता सिंह के अलावा राकेश कुमार सिंह और रानी कुमारी को टिकट दिया गया।

    राजद के पूर्व नेता भी लोजपा की टिकट पर मैदान में उतरे
    राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व महासचिव सुरेश निषाद मोकामा से लोजपा से चुनाव लड़ रहे है और बोधगया से राजद के महादलित प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष रवीन्द्र राजवंशी भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर, बछवाड़ा से कांग्रेस के दिवंगत विधायक रामदेव राय के पुत्र शिवप्रकाश उर्फ गरीब दास भी निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। हम की प्रदेश कार्यकारिणी में रहे मुकेश कुमार यादव भी बागी हो गए। वह लोजपा से शेरघाटी से चुनाव लड़़ रहे हैं।

    पूर्व मंत्री श्रीभगवान भी बंगले में पहुंचे

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    जदयू से आए बड़े नेता व पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा और चंद्रशेखर पासवान को भी लोजपा ने टिकट दिया है। जबकि रालोसपा ने जदयू के रणविजय सिंह को गोह से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा में रहे अजय प्रताप सिंह जमुई से रालोसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

    कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ने भी हम को छोड़ा

    हम के प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष रहे धीरेन्द्र कुमार मुन्ना पद से इस्तीफा देकर नवादा सीट से निर्दलीय मैदान में उतर आए हैं। लोजपा से बेटिकट सुनील पांडेय निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। वे तरारी से चुनाव लड़ेंगे। यहां भाजपा लड़ रही है। लोजपा ने भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ने की घोषणा की है।

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