नई दिल्ली. अब बैंकों में लावारिस पड़े पैसों (Unclaimed Deposits) के मालिक का पता लगाना आसान हो गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक केंद्रीकृत वेब पोर्टल पेश किया है. इसे UDGAM यानी Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation नाम दिया गया है. इस पोर्टल को गुरुवार को आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने लॉन्च किया. केंद्रीय बैंक के एक बयान के मुताबिक, इस पोर्टल के जरिए एक ही जगह पर जनता को कई बैंकों में जमा अपनी लावारिस राशि को ढूंढने में आसानी होगी
गौरतलब है कि आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार, सेविंग्स और करंट अकाउंट में शेष जमा राशि जो 10 वर्षों से पड़ी है, या टर्म डिपॉजिट जिसे मैच्योरिटी की तारीख से 10 वर्षों के भीतर क्लेम नहीं किया गया है, उन्हें अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स के रूप में वर्गीकृत किया गया है.
UDGAM पोर्टल की खास बातें-
- RBI ने 06 अप्रैल, 2023 को डेवलपमेंट और रेगुलेटरी पॉलिसी पर बयान देते हुए एक लावारिस जमा की खोज के लिए एक सेंट्रलाइज्ड वेब पोर्टल को बनाने का ऐलान किया था.
- बैंक अपनी वेबसाइटों पर दावा न किए गए जमाओं की एक सूची प्रकाशित करते हैं. ऐसे डेटा तक जमाकर्ताओं और लाभार्थियों की पहुंच को बेहतर और व्यापक बनाने के लिए आरबीआई ने UDGAM प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला लिया है.
- इस पोर्टल के जरिए एक ही जगह पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट को ढूंढने में आसानी होगी.
- रिजर्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्राइवेट लिमिटेड (ReBIT), भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं (IFTAS) और भाग लेने वाले बैंकों ने पोर्टल विकसित करने में सहयोग किया है.
- RBI के इस पोर्टल पर यूजर्स वर्तमान में 7 बैंकों के संबंध में अपनी लावारिस जमा राशि का विवरण प्राप्त करने में सक्षम होंगे.
- इन 7 बैंकों से शुरू हुई सर्विस- भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैक ऑफ इंडिया, धनलक्ष्मी बैंक लिमिटेड, साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड, डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड
और सिटीबैंक. - अन्य बैंकों की सर्च सुविधा 15 अक्टूबर, 2023 तक उपलब्ध कराई जाएगी.
